नई दिल्ली| रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आपसी संबंध भले ही बहुत गहरे माने जाते हों, लेकिन दोनों ने कभी एक-दूसरे के साथ कार साझा नहीं की है। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति पुतिन अब तक चार बार एक ही कार में सफर कर चुके हैं। यह वाकया रूस की कूटनीति में एक बड़ा संदेश देता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल के दौरान एक दर्जन से अधिक बार वैश्विक नेताओं के साथ कार साझा की है। वे अब तक रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ चार बार, इसके अलावा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों के साथ एक-एक बार कार साझा कर चुके हैं। इसके अलावा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूएई के शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोवेव के साथ भी वे एक ही वाहन में यात्रा कर चुके हैं।
जब पुतिन ने पीएम मोदी को अपनी खास कार में बैठाया — त्यांजिन
रूस के राष्ट्रपति अपनी बेहद सुरक्षित 'आरस' (Aurus) कार में चलते हैं। सितंबर 2025 में चीन के त्यांजिन शहर में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पहली बार अपनी इस विशेष कार में बैठाया था, जहां दोनों के बीच करीब 40 से 45 मिनट तक गहन मंत्रणा हुई थी। इसके बाद दिसंबर में जब पुतिन भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डे पहुंचे और राष्ट्रपति पुतिन को अपनी फॉर्च्यूनर कार में बैठाकर सीधे 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास लेकर आए।
एक साल में चार बार दिखा कूटनीतिक तालमेल — बिश्केक
अगस्त 2026 में जब प्रधानमंत्री एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक शहर पहुंचे, तो राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर उनके साथ कार साझा की। इसके बाद हाल ही में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 11 सितंबर 2026 को दोनों नेता दोबारा एक ही कार में साथ बैठे नजर आए। इस तरह महज एक साल के भीतर दोनों शीर्ष नेताओं के बीच चार बार 'कार कूटनीति' देखने को मिली है, जो वैश्विक मंच पर खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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