नोएडा | उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले की बीटा-2 थाना पुलिस ने एक लॉजिस्टिक कंपनी के कंटेनर से कीमती मोबाइल फोन चोरी कर उन्हें बाजार में औने-पौने दामों पर बेचने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के छह शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए कुल 154 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा पुलिस ने उनके पास से 2.50 लाख रुपये नकद और इस वारदात में बेधड़क इस्तेमाल की जाने वाली एक स्कॉर्पियो कार भी जब्त की है।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस शातिर गिरोह का सरगना केशव कुमार है, जिसके खिलाफ गौतमबुद्ध नगर और अलीगढ़ समेत विभिन्न जनपदों के थानों में चोरी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, कार्रवाई के दौरान गिरोह के दो अन्य सदस्य जीतू और राकेश पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर 31 अगस्त 2026 को पीपल वाला गोल चक्कर, नट मेड्या के पास से इन छह आरोपियों को दबोचा।
कंटेनर के सील काटकर पार करते थे मोबाइल के कार्टन
पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं कि गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार पूर्व में भी चोरी के कई मामलों में जेल की हवा खा चुका है। वह एक लॉजिस्टिक कंपनी में कंटेनर चालक के रूप में नौकरी करता था। कंपनी के डी-28, साइट-4 स्थित प्रतिष्ठान से महंगे मोबाइल फोन अलग-अलग गंतव्यों पर डिलीवरी के लिए भेजे जाते थे। कंटेनर चालक होने के कारण केशव को मोबाइल से लदे वाहनों की आवाजाही और रूट की पूरी जानकारी रहती थी।
केशव अपने साथियों के साथ मिलकर रास्ते में किसी सुनसान जगह पर कंटेनर को रोकता था और उसकी सील तथा लॉक खोलकर अंदर रखे मोबाइल फोन के कार्टन उड़ा लेता था। आरोपी कार्टन को बेहद शातिर तरीके से काटकर उसमें से फोन निकाल लेते थे और डिब्बों को इस तरह सेट कर देते थे कि पहली नजर में किसी को भी वाहन के साथ छेड़छाड़ का शक न हो। इसके बाद इन फोनों को बाजार में मांग के अनुसार कम कीमत पर बेचकर अवैध रूप से मोटी कमाई की जाती थी।
ऑडिट के दौरान खुला चोरी का राज
कंपनी के भीतर नियमित ऑडिट प्रक्रिया के दौरान जब स्टॉक में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन कम पाए गए, तब आंतरिक तौर पर हड़कंप मच गया। इसके बाद कंपनी के प्रबंधक की शिकायत पर 24 जुलाई 2026 को बीटा-2 थाने में कुल 165 मोबाइल फोन चोरी होने के संबंध में औपचारिक मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की सुरागकशी शुरू की, जिसके बाद इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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केशव कुमार (मास्टरमाइंड) – निवासी ग्राम बेर नगरीया, थाना गोंडा, जिला अलीगढ़ (उम्र करीब 30 वर्ष)
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मनोज कुमार – निवासी ग्राम कुंवरपुर, थाना गोंडा, जिला अलीगढ़ (उम्र करीब 25 वर्ष)
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रवि कुमार – निवासी ग्राम उमराला, थाना कोसीकलां, जिला मथुरा (उम्र करीब 32 वर्ष)
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विनीत उर्फ मस्ताना – निवासी ग्राम कुंवरपुर, थाना गोंडा, जिला अलीगढ़ (उम्र करीब 23 वर्ष)
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मोहम्मद शोएब – निवासी मोहल्ला पंतियापाड़ा बाईपास, अली मस्जिद के पास, थाना चांदपुर, जिला बिजनौर (उम्र करीब 24 वर्ष)
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हसीबुर्रहमान – निवासी ग्राम मेवा नवादा, थाना स्योहारा, जिला बिजनौर (उम्र करीब 32 वर्ष)
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध बीटा-2 थाने में सुसंगत धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई पूरी कर ली है। पुलिस अब फरार चल रहे आरोपियों जीतू और राकेश की गिरफ्तारी के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वाले अन्य संदिग्धों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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