कोलकाता: हिल्सा मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में गए 15 मछुआरों के लापता होने के दस दिन बाद, पश्चिम बंगाल के काकद्वीप के समीप लापता ट्रॉलर 'जय माँ काली' का पता लगा लिया गया है। यह नाव पानी में पूरी तरह डूबी हुई हालत में मिली है। राहत और बचाव दल द्वारा युद्ध स्तर पर चलाए गए अभियान के दौरान ट्रॉलर के भीतर से अब तक नौ मछुआरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष 6 लापता मछुआरों की तलाश अभी भी सरगर्मी से की जा रही है।
5 जुलाई से टूट गया था संपर्क, ओडिशा के तीन भाई भी शामिल
ये सभी 15 मछुआरे बीते 2 जुलाई को पश्चिम बंगाल के शंकरपुर बीच से गहरे समुद्र की ओर रवाना हुए थे। सफर के दौरान 5 जुलाई के बाद से इस ट्रॉलर का बेस स्टेशन से सारा संपर्क अचानक टूट गया, जिसके बाद मछुआरों के परिवारों में चिंता की लहर दौड़ गई। लापता लोगों में ओडिशा के बालासोर जिले के भोगराई ब्लॉक स्थित उलुडा गांव के निवासी तीन सगे भाई—जयराम माझी, रवींद्र माझी और जगन्नाथ माझी भी शामिल हैं। परिजन और रिश्तेदार हर दिन अपनों की आस में बंदरगाह पर डेरा डाले हुए थे, लेकिन समय बीतने के साथ ही उनकी उम्मीदें टूटती चली गईं।
बाघेरचर के जंगलों के पास मिला पलटा हुआ जहाज
लापता मछुआरों को ढूंढने के लिए सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में शनिवार से रेस्क्यू ऑपरेशन को काफी तेज कर दिया गया था। रामगंगा रेंज के वनकर्मियों, सुंदरबन पुलिस और स्थानीय मछुआरों के संयुक्त प्रयासों से रविवार दोपहर को दक्षिण 24 परगना में बक्खाली तट से करीब 35 किलोमीटर दूर बाघेरचर इलाके के चुलकठी जंगल के पास पलटा हुआ ट्रॉलर बरामद किया गया। इसके बाद अन्य नावों की मदद से इस क्षतिग्रस्त ट्रॉलर को पाथरप्रतिमा के सीतारामपुर घाट लाया गया, जहां पानी निकालने के बाद तलाशी के दौरान इंजन रूम और अन्य हिस्सों से एक-एक कर कुल 9 शव बाहर निकाले गए।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी, मुआवजे का आश्वासन
हादसे की भयावहता को देखते हुए प्रशासन को अंदेशा है कि कुछ और शव दुर्घटनास्थल के आसपास या मलबे में दबे हो सकते हैं। इस बीच, बचे हुए छह मछुआरों की खोज के लिए कोस्ट गार्ड, वन विभाग और सुंदरबन पुलिस का एक बड़ा संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुंदरबन विकास मंत्री दीपांकर जाना ने इस बेहद दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजे के चेक वितरित करने का अनुरोध किया है।

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