गोदाम में भीषण आग, कर्मचारी की मौत, मालिक पर जिंदा जलाने का आरोप

सीकर। जिले के मूंडरू इलाके में मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज हादसा सामने आया है। यहाँ अरनिया मार्ग पर स्थित कुलवाल भारत गैस एजेंसी के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड की चपेट में आने से वहां कार्यरत एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया, जिसने बाद में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया और मौके पर स्थानीय लोगों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल की गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला।

गोदाम से उठता दिखा धुआं, गेट खोलते ही फटी रह गईं आंखें

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत कर्मचारी की शिनाख्त बाबूलाल यादव के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह करीब 8:15 बजे बाबूलाल एजेंसी संचालक चिंकी कुलवाल के निवास से दफ्तर और गोदाम की चाबियां लेकर निकले थे। इसके कुछ देर बाद जब एजेंसी संचालक उपभोक्ता पहचान सत्यापन (KYC) से जुड़े कामकाज के लिए वहां पहुंचीं, तो उन्होंने गोदाम परिसर से काले धुएं का गुबार उठता देखा। उन्होंने फौरन गेट खोलने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद बाबूलाल के परिजनों को इत्तला दी गई। मौके पर पहुंचे मृतक के बेटे ने जब किसी तरह दरवाजा खोला, तो अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए; बाबूलाल आग की लपटों के बीच बुरी तरह घिरे हुए थे।

परिजनों ने लगाया संचालक पर गंभीर आरोप, न्याय की गुहार

हादसे की जानकारी मिलते ही श्रीमाधोपुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया और पूरे परिसर की जांच की। इस बीच, मृतक के आक्रोशित परिजनों ने गैस एजेंसी संचालक पर बेहद संगीन आरोप मढ़े हैं। परिवार का आरोप है कि बाबूलाल को साजिश के तहत जलाकर मारा गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कोणों से गहन तफ्तीश शुरू कर दी है, ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके। पिता को खोने के गम में मृतक का बेटा मौके पर ही बिलख-बिलख कर इंसाफ की मांग करता रहा।

खाली था गोदाम, टल गया भयानक सिलेंडर ब्लास्ट

इस पूरे भयावह हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त गोदाम के भीतर रिफिल किए हुए यानी भरे हुए एलपीजी ($LPG$) सिलेंडर स्टॉक में नहीं थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस का मानना है कि यदि गोदाम गैस से भरे सिलेंडरों से लदा होता, तो एक के बाद एक कई बड़े धमाके होते। इससे न सिर्फ पूरी इमारत ढह जाती, बल्कि आस-पास के रिहायशी इलाके में भी भारी तबाही और जनहानि हो सकती थी। फिलहाल पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों और बयानों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।