नई दिल्ली। देश के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह संकेत दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से रियायती दरों पर खरीदे गए कच्चे तेल की आपूर्ति शुरू होते ही आम जनता को पेट्रोल और डीजल की महंगाई से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में अभी कुछ समय लगने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में तेल विपणन कंपनियों के पास ऊंचे दामों पर आयात किए गए क्रूड ऑयल का पुराना स्टॉक मौजूद है। जैसे ही यह स्टॉक समाप्त होगा और कम लागत वाला नया कच्चा तेल रिफाइनरियों तक पहुंचेगा, वैसे ही खुदरा कीमतों में कटौती की राह साफ हो जाएगी। वैश्विक स्तर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण खड़े हुए ऊर्जा संकट के बावजूद, भारत में ईंधन की दरें दुनिया के अन्य विकसित देशों की तुलना में काफी हद तक नियंत्रित और स्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि कीमतों को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और फिर 2026 में उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) को घटाया है, जिसके चलते सरकार ने प्रति लीटर करीब 10 रुपये के वित्तीय घाटे का बोझ खुद वहन किया है। इसी का परिणाम है कि देश में ईंधन की कीमतों में वृद्धि केवल 7.60 रुपये प्रति लीटर तक ही सीमित रह सकी।
प्रमुख महानगरों और राज्यों में ईंधन के मौजूदा दाम
देश के विभिन्न हिस्सों में टैक्स और स्थानीय वैट (VAT) की दरों में अंतर होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग हैं। वर्तमान में देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में तेल की खुदरा दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं: दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.18 रुपये तथा डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में उपभोक्ताओं को पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये एवं डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। बेंगलुरु में पेट्रोल का भाव 110.93 रुपये और डीजल का भाव 98.80 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है। हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये तथा डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है। अगरतला में पेट्रोल की कीमत 105.17 रुपये और डीजल की कीमत 94.05 रुपये प्रति लीटर है। गुवाहाटी में पेट्रोल 105.85 रुपये और डीजल 97.33 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। पटना में पेट्रोल का दाम 113.35 रुपये और डीजल का दाम 99.36 रुपये प्रति लीटर है।
वैश्विक बाजार और स्थानीय करों से तय होती है तेल की कीमत
भारत में घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम तय करने की प्रक्रिया पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है। इसके अलावा इसमें बेस प्राइस, टैक्स संरचना और डीलरों का लाभांश भी शामिल होता है। तेल कंपनियां वैश्विक क्रूड ऑयल की खरीद लागत में रिफाइनिंग का खर्च, माल ढुलाई का भाड़ा और अपना लाभांश जोड़कर ईंधन का एक आधार मूल्य (बेस प्राइस) निर्धारित करती हैं। इसके बाद इस आधार मूल्य पर केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क और राज्य सरकारों द्वारा अपने-अपने नियमों के अनुसार मूल्य वर्धित कर (VAT) वसूला जाता है, जो मिलकर अंतिम खुदरा मूल्य का लगभग 50 से 55 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।
डीलर कमीशन और अंतिम खुदरा मूल्य का निर्धारण
पंपों तक ईंधन पहुंचने के बाद इसमें पेट्रोल पंप संचालकों के खर्च और मुनाफे को ध्यान में रखते हुए प्रति लीटर के हिसाब से एक तय डीलर कमीशन जोड़ा जाता है। इन सभी घटकों यानी बेस प्राइस, केंद्रीय कर, राजकीय कर और डीलर कमीशन को आपस में जोड़ने के बाद ही वह अंतिम खुदरा भाव (रिटेल प्राइस) तैयार होता है, जिस पर आम उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से तेल खरीदते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में मामूली बदलाव होने या किसी राज्य द्वारा वैट की दरों में फेरबदल करने पर उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ता है।

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