ऊधमपुर: जम्मू-कश्मीर में जारी पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान रामबन जिले में एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया है, जहाँ 47 श्रद्धालुओं से भरी एक बस में अचानक भीषण आग लग गई। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित करोल लंगर पॉइंट के समीप हुई इस घटना के बाद देखते ही देखते पूरी बस आग के विशाल शोलों में तब्दील हो गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस भयावह हादसे के दौरान हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
बस ड्राइवर बना देवदूत, सूझबूझ से बची 47 अमरनाथ तीर्थयात्रियों की जान
इस भीषण अग्निकांड में सबसे राहत की बात यह रही कि एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जैसे ही बस के पिछले हिस्से से धुआं और आग की लपटें उठनी शुरू हुईं, चालक ने तुरंत सूझबूझ का परिचय दिया। ड्राइवर ने बिना घबराए बस को तुरंत सड़क के किनारे रोका और चिल्लाकर यात्रियों को नीचे उतरने को कहा। स्थानीय सुरक्षा बलों, लंगर सेवादारों और बस स्टाफ ने फुर्ती दिखाते हुए खिड़कियों और दरवाजों के रास्ते सभी 47 तीर्थयात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस त्वरित कार्रवाई की बदौलत किसी भी यात्री को खरोंच तक नहीं आई और सभी की जान बाल-बाल बच गई।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा वजह, चंद मिनटों में राख हुआ सारा सामान
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आग का विकराल रूप: यात्रियों के बस से नीचे उतरने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि किसी को बस के पास जाने तक का मौका नहीं मिला।
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सामान जलकर खाक: हालांकि सभी श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन बस के लॉकर और केबिन में रखा उनका सारा सामान, जिसमें कपड़े, पैसे, मोबाइल फोन और यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज शामिल थे, जलकर पूरी तरह खाक हो गए।
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शुरुआती जांच: प्राथमिक जांच में पुलिस प्रशासन का अनुमान है कि बस के इंजन या वायरिंग में हुए किसी तकनीकी शॉर्ट सर्किट की वजह से यह आग लगी, जिसने भीषण गर्मी और सूखी हवाओं के कारण तेजी से पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रशासन ने की वैकल्पिक व्यवस्था, यात्रियों को लंगर स्थल पर भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही ऊधमपुर और रामबन जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गाड़ी का सिर्फ लोहे का ढांचा ही बचा था। हाईवे से मलबे को हटाने और यातायात बहाल करने के लिए क्रेन बुलाई गई। जिला प्रशासन ने सभी प्रभावित अमरनाथ यात्रियों के रहने, खाने-पीने और उनके जले हुए सामान की भरपाई के लिए करोल लंगर पॉइंट पर ही तुरंत वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हैं। सभी यात्रियों को ढांढस बंधाया गया है और उन्हें आगे की यात्रा के लिए दूसरी सुरक्षित गाड़ी उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।

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