लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की एक बेहद अहम और दूरगामी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास और जनकल्याण से जुड़े कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर आधिकारिक मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने विशेष रूप से राज्य के पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा नए रोजगार के अवसरों का सृजन करने वाले प्रस्तावों को प्राथमिक आधार पर मंजूरी प्रदान की है। इन निर्णयों से प्रदेश की आर्थिक प्रगति को एक नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।
दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की शीर्ष स्थिति और डिजिटल प्रबंधन पर जोर
कैबिनेट बैठक के दौरान यह तथ्य रेखांकित किया गया कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में पूरे देश में दूध उत्पादन के मामले में प्रथम स्थान पर काबिज है। इसके अतिरिक्त अंडा, ऊन और मत्स्य पालन के क्षेत्रों में भी राज्य काफी सुदृढ़ स्थिति में है। हालांकि, इन क्षेत्रों में उत्पादों के मूल्य संवर्धन और आधुनिक डिजिटल प्रबंधन की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। सरकार का मानना है कि संगठित बाजार व्यवस्था को और बेहतर बनाकर पशुपालकों एवं किसानों को उनके उत्पादों का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाया जा सकता है।
नोएडा में औद्योगिक परियोजनाओं हेतु 1709 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के उद्देश्य से गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा में चार बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को 'लेटर ऑफ कंफर्ट' जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में कुल 1709.84 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश किया जाएगा। इसके तहत हैवेल्स इंडिया लिमिटेड 879 करोड़ रुपये तथा एलजी सॉफ्ट 634 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर अमेरिप्राइज इंडिया एलएलपी द्वारा 112.84 करोड़ रुपये और मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशंस सपोर्ट सेंटर द्वारा 84 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इनमें से दो प्रमुख परियोजनाएं नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण के दायरे में और दो अन्य परियोजनाएं निजी भूमि पर स्थापित होंगी।
पशुपालन, उन्नत नस्ल संवर्धन और किसानों की आय वृद्धि का विजन
प्रदेश सरकार का मुख्य ध्येय पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय का मुख्य स्रोत बनाना है। इस दूरगामी लक्ष्य को हासिल करने के लिए 'स्टेट लैब स्टार्ट मिशन' के गठन की योजना तैयार की गई है, जिसके जरिए नए रोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत उन्नत नस्ल के मवेशियों को बढ़ावा देने, गायों की नस्ल में व्यापक सुधार करने और प्रति गाय दूध उत्पादन को प्रतिदिन औसतन 10 लीटर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसे सहायक व्यवसायों को भी वित्तीय सहायता देकर प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है।

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