भोपाल (मध्य प्रदेश)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 29 सितंबर को मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए। बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को विस्तार से अवगत कराया।
स्कूली बच्चों की गणवेश व्यवस्था में बड़ा बदलाव
प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के लगभग 9.58 लाख विद्यार्थियों को पूर्व में यह निर्णय लिया गया था कि स्कूल ड्रेस (गणवेश) तैयार करवाकर वितरित की जाएगी। हालांकि, गुणवत्तापूर्ण सामग्री की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, और बच्चों की पढ़ाई के सत्र में किसी भी प्रकार की देरी करना उचित नहीं था।
इसी वजह से राज्य सरकार ने यह तय किया है कि इस बार से बच्चों की गणवेश के लिए निर्धारित राशि सीधे उनके अभिभावकों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। इस पूरी योजना पर कुल 348 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी, जिसके तहत प्रति छात्र 600 रुपये की राशि अंतरित होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी वर्षों के लिए और अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जाएगी।
कैबिनेट बैठक में इन प्रमुख प्रस्तावों को भी मिली हरी झंडी
राज्य मंत्रिमंडल की इस बैठक में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई:
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कटनी-दमोह मार्ग का चौड़ीकरण: कटनी और दमोह को जोड़ने वाले 105 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 4,400 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के पूरा होने से विंध्य और बुंदेलखंड अंचल के बीच आपसी कनेक्टिविटी और आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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सिंगरौली मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल: सिंगरौली जिले में निर्माणाधीन 450 बिस्तरों वाले अस्पताल के साथ-साथ एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए 150 सीटों की आवश्यकता के मद्देनजर 155 सीटों की वृद्धि की गई है, जिसके लिए 355 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
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अग्निवीरों के लिए आरक्षण: राज्य के वर्दीधारी विभागों (जैसे वन विभाग में आरक्षक, गृह विभाग के अंतर्गत विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी और आबकारी आरक्षक) की भर्तियों में 'अग्निवीर' योजना के तहत सेवा दे चुके युवाओं के लिए आरक्षण तय किया गया है। इससे भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर इन युवाओं को भी शासकीय सेवाओं में प्राथमिकता और नए अवसर प्राप्त होंगे।
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कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार: विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु विभाग के अंतर्गत संचालित होने वाले छात्रावासों तथा अनाथालयों के लिए खाद्यान्न अब मात्र 1 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।
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न्यायिक अवसंरचना के लिए बजट: राज्य की अदालतों के आधुनिकीकरण और भवनों के निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आबंटित की गई है, जिसके लिए केंद्र सरकार से आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त हो चुकी है।

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