September 2, 2026

दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ा एक्शन, गुप्त गोदाम से करोड़ों का माल बरामद

भिवाड़ी। राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक शहर भिवाड़ी में औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त इनपुट के आधार पर फार्मास्युटिकल क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बिना किसी वैध लाइसेंस और प्रशासनिक अनुमति के चलाए जा रहे 'स्ट्रेन हेल्थकेयर' फर्म के एक अवैध गोदाम पर अचानक दी गई दबिश में लगभग 4 करोड़ रुपये मूल्य की निर्मित दवाइयां, नशीला कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई है। मौके से 1500 से अधिक कार्टन में भरी संदिग्ध दवाइयों का अंबार मिलने से पड़ोसी राज्यों के फार्मा सेक्टर में हड़कंप मच गया है।

स्पेशल टीम की दबिश में बिना लाइसेंस गोदाम उजागर

औषधि नियंत्रण आयुक्तालय मुख्यालय जयपुर को भिवाड़ी के इस संदिग्ध ठिकाने की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद जयपुर, अलवर और दौसा के अधिकारियों की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने जब गोदाम पर छापा मारा तो बिना किसी रिकॉर्ड या लाइसेंस के कई राज्यों की नामी कंपनियों और गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाओं का भारी स्टॉक मिला, जिसे राज्य के खुले बाजार में खपाने की योजना थी।

एक्सपायर्ड गोलियां और प्रतिबंधित रसायनों का जखीरा जब्त

छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड 'सिल्डेनाफिल' गोलियों के साथ-साथ नशीली दवाओं में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद हुआ। इसमें टेपेंटाडॉल, प्रेगाबालिन और कोट्रीमोक्साजोल जैसे संवेदनशील रसायनों की बड़ी खेप शामिल है। इसके अलावा दवा बनाने के उपकरण, खाली शीशियां और पैकेजिंग सामग्री जब्त कर गुणवत्ता जांच के लिए 9 अलग-अलग ब्रांडेड व जेनेरिक दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए हैं।

तीन पड़ोसी राज्यों से जुड़े तार, विशेष टीमें रवाना

औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के अनुसार गोदाम से पंजाब (लालड़ू), हरियाणा (करनाल) और हिमाचल प्रदेश (बड्डी, सोलन) की कंपनियों द्वारा निर्मित 'मेडिक्ब-55', 'एरिक्वा', 'हाइग्रा 200' और 'ऑक्सीपर प्लस' जैसी दवाओं के 1500 से अधिक डिब्बे मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राज्यों के औषधि प्रशासन को अलर्ट भेज दिया गया है और राजस्थान से विशेष टीमें पड़ोसी राज्यों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की जांच के लिए भेजी जा रही हैं।

दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज

चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। बिना लाइसेंस दवा भंडारण व बिक्री के आरोपी गिरोह के खिलाफ 'औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम' के तहत सख्त केस दर्ज किया जा रहा है। यह कार्रवाई सहायक औषधि नियंत्रक अजय फाटक, सुभाष मुटनेजा, महेंद्र जोनवाल, रामकेश मीणा व अन्य ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने पूरी की।