यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा, भोपाल रेल मंडल के 8 स्टेशन होंगे अपग्रेड

भोपाल: मध्य प्रदेश में रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने एक बड़ा फैसला लिया है। इटारसी-बीना रेलखंड पर स्थित 8 छोटे और मध्यम श्रेणी के रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। दरअसल, बरसों पुराने बने इन स्टेशनों के प्लेटफॉर्म काफी नीचे हैं, जबकि रेलवे द्वारा वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच के दरवाजे और सीढ़ियों की ऊंचाई इनसे लगभग दो फीट अधिक होती है। ऊंचाई के इस बड़े अंतर के कारण यात्रियों को चढ़ने-उतरने में भारी परेशानी हो रही थी और अक्सर हादसे भी सामने आ रहे थे।

₹26.78 करोड़ का बजट और 18 महीने की समय-सीमा

भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए रेलवे 26.78 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इस पूरी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रेलवे ने 18 महीने (डेढ़ साल) की समय-सीमा तय की है। प्लेटफॉर्म ऊंचे (हाई-लेवल) हो जाने के बाद ट्रेन के पायदान और प्लेटफॉर्म के बीच का गैप बेहद कम हो जाएगा, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्री भी बिना किसी डर या परेशानी के आसानी से ट्रेन में चढ़ और उतर सकेंगे।

इन 8 स्टेशनों के 14 प्लेटफॉर्म बनेंगे 'हाई लेवल'

इटारसी-बीना रेलखंड के अंतर्गत आने वाले जिन स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों को ऊंचा करने की मंजूरी मिली है, उनकी सूची इस प्रकार है:

स्टेशन का नाम ऊंचे किए जाने वाले प्लेटफॉर्मों की संख्या
मिसरोद 3 प्लेटफॉर्म
सूखी सेवनिया 2 प्लेटफॉर्म
दीवानगंज 2 प्लेटफॉर्म
सलामतपुर 2 प्लेटफॉर्म
सुमेर 2 प्लेटफॉर्म
पबई 2 प्लेटफॉर्म
ओबेदुल्लागंज 1 प्लेटफॉर्म
गुलाबगंज 1 प्लेटफॉर्म
कुल स्टेशन: 8 कुल प्लेटफॉर्म: 14

 

भोपाल मुख्य स्टेशन का कायाकल्प: लगेंगी 40 लिफ्ट और नए FOB

बुजुर्गों और दिव्यांगों को बड़ी राहत: भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर चल रही री-डेवलपमेंट (पुनर्विकास) योजना के तहत स्टेशन परिसर में कुल 40 नई लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी जो सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में असमर्थ हैं।

इसके साथ ही, भोपाल स्टेशन पर लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या और ट्रेनों के एक साथ आने पर होने वाली असुविधा को देखते हुए नए फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण भी किया जाएगा। इससे एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाना बेहद आसान हो जाएगा और त्योहारों या पीक ऑवर्स के दौरान पुराने ओवरब्रिज पर होने वाले भारी भीड़ के दबाव से यात्रियों को पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।