म्यूनिख। फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में नॉर्वे ने फुटबॉल की दिग्गज टीम ब्राजील को 2-1 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटा लिया है। इस करारी शिकस्त के साथ ही वर्ष 2002 के बाद से विश्व कप की ट्रॉफी उठाने का ब्राजील का सपना एक बार फिर टूट गया और उसका इंतजार और बढ़ गया है। इस महामुकाबले में पूरी दुनिया की निगाहें ब्राजील के जादुई फॉरवर्ड नेमार और नॉर्वे के गोल मशीन एर्लिंग हालैंड पर टिकी हुई थीं। ये दोनों ही खिलाड़ी मौजूदा समय में अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों के सबसे बड़े कर्णधार हैं। दिलचस्प बात यह रही कि पूरे मैच का परिणाम भी इन्हीं दोनों स्टार खिलाड़ियों के पैरों से निकले गोलों द्वारा तय हुआ।
एर्लिंग हालैंड के दोहरे प्रहार से पस्त हुआ ब्राजील
मैच के शुरुआती आधे समय (पहले हाफ) तक दोनों ही टीमें एक-दूसरे के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहीं और मुकाबला गोलरहित बराबरी पर रहा। इसके बाद दूसरे हाफ में नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने अपनी क्लास दिखाते हुए मैच का पासा पलट दिया। उन्होंने 79वें मिनट में एक शानदार मैदानी गोल दागकर नॉर्वे को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। मैच के अंतिम पलों में दबाव का फायदा उठाते हुए हालैंड ने 90वें मिनट में एक और बेहतरीन गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया। हालैंड के इन दो बैक-टू-बैक गोलों ने ब्राजील की रक्षापंक्ति को पूरी तरह झकझोर दिया और नॉर्वे की ऐतिहासिक जीत तय कर दी।
नेमार का संघर्ष भी नहीं टाल सका ब्राजील की विदाई
दो गोल से पिछड़ने के बाद ब्राजीली टीम ने वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। मैच के इंजरी टाइम (एक्स्ट्रा टाइम) में नेमार ने अपनी कलात्मकता का परिचय देते हुए एक गोल दागा और स्कोर लाइन को 2-1 कर दिया। हालांकि, नेमार का यह प्रयास ब्राजील को मैच में बराबरी दिलाने या क्वार्टर फाइनल की दौड़ में बनाए रखने के लिए काफी देर से आया और नाकाफी साबित हुआ। इस अंतिम सीटी के बजते ही फीफा विश्व कप 2026 में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही ब्राजील का सफर नॉकआउट के पहले ही चरण में अप्रत्याशित रूप से समाप्त हो गया।
यूरोपीय टीमों के सामने ब्राजील का नॉकआउट फोबिया
फुटबॉल इतिहास पर नजर डालें तो साल 2002 में अपनी आखिरी विश्व कप खिताबी जीत के बाद से नॉकआउट दौर में यूरोपीय देशों के खिलाफ ब्राजील का खराब रिकॉर्ड इस बार भी जारी रहा। पिछले सात नॉकआउट मैचों में हर बार ब्राजील को किसी न किसी यूरोपीय टीम के हाथों ही टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है। इस साल नॉर्वे से मिली हार से पहले, 2022 में क्रोएशिया ने, 2018 में बेल्जियम ने, 2014 के घरेलू विश्व कप में जर्मनी और नीदरलैंड्स ने, 2010 में फिर से नीदरलैंड्स ने और 2006 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने ब्राजील के विश्व विजेता बनने के रथ को रोका था।

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