ममता के समर्थन में उतरे केजरीवाल, BJP पर तीखा हमला—‘कमल का बटन खतरनाक’

कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पक्ष में मोर्चा संभाल लिया है। रविवार को दक्षिण कोलकाता के रासबिहारी समेत विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने ममता बनर्जी का खुला समर्थन किया और भाजपा पर तीखे प्रहार किए।

ममता सरकार की योजनाओं पर खतरे का आगाह
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रासबिहारी की जनसभा में मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा को वोट देना अपनी ही सुविधाओं पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि यदि गलती से भी 'कमल' का बटन दबा, तो ममता बनर्जी द्वारा दी जा रही 1,500 रुपये की मासिक सहायता बंद हो जाएगी। केजरीवाल ने भाजपा को 'झूठ की राजनीति' करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि जो वादे उन्होंने अन्य राज्यों में किए, वे आज तक पूरे नहीं हुए।

लोकतंत्र और आजादी की दूसरी लड़ाई का आह्वान
बंगाल की क्रांतिकारी धरती को नमन करते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक ने कहा कि यह चुनाव केवल हार-जीत का नहीं, बल्कि देश के संविधान को बचाने का है। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस जैसे महान सेनानियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरा देश बंगाल की ओर देख रहा है। केजरीवाल के अनुसार, बंगाल की जनता ही वह शक्ति है जो देश में तानाशाही को रोककर लोकतंत्र की रक्षा कर सकती है।

केंद्रीय नेतृत्व और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर प्रहार
पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष को जेल में डालकर सत्ता हथियाना चाहती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरह बंगाल में भी भाजपा का मकसद केवल अच्छे कामों को रोकना और नफरत फैलाना है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की छवि और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए और उन्हें जनता की भावनाओं के विपरीत बताया।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और इस्तीफे की चुनौती
एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर बोलते हुए केजरीवाल ने भाजपा पर षडयंत्र के तहत मतदाताओं के नाम कटवाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब माता-पिता वोटर हैं, तो उनके बच्चों के नाम सूची से कैसे गायब हो सकते हैं? केजरीवाल ने अंत में बड़ी चुनौती देते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई और केंद्र की पूरी फौज लगाने के बाद भी भाजपा बंगाल हारती है, तो क्या प्रधानमंत्री मोदी अपनी हार स्वीकार कर इस्तीफा देंगे?