भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में शुमार कपिल देव ने देश की राजधानी में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान अपने अतीत से जुड़ा एक बेहद मनोरंजक संस्मरण साझा किया। यह वाकया उस समय का है जब वह अपने करीबी मित्र और पूर्व नौसेना अधिकारी हरविंदर सिंह सिक्का के साथ ब्रिटेन की राजधानी लंदन की यात्रा पर गए हुए थे।
50 पाउंड का वो सौदा और गिरफ्तारी का खौफ
कपिल देव ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि लंदन के एक रास्ते से गुजरते समय उन्हें एक अंजान शख्स मिला, जिसने पैसों की तंगी का हवाला देते हुए उनसे 50 पाउंड की आर्थिक मदद मांगी। उस व्यक्ति ने बदले में अपने पास मौजूद दो लेदर जैकेट देने का प्रस्ताव रखा। कपिल देव को शुरू से ही अंदेशा था कि वे जैकेट अवैध या चोरी के हो सकते हैं। उन्होंने बताया, "मैं लगातार हरविंदर सिंह सिक्का को आंख और हाथ के इशारे से इस सौदे के लिए मना कर रहा था, लेकिन सिक्का उस जरूरतमंद की मदद करने की ठान चुके थे।" अंततः दोनों ने उस व्यक्ति को 50 पाउंड दिए और जैकेट अपने पास रख लिए।
पूर्व कप्तान ने ठहाका लगाते हुए आगे कहा कि जैकेट हाथ में आने के बाद सिक्का बेहद उत्साहित थे और बार-बार उसकी शुद्धता की तारीफ कर रहे थे, लेकिन दूसरी तरफ मेरे पसीने छूट रहे थे। मुझे लग रहा था कि स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन पुलिस) हमें चोरी का माल खरीदने के जुर्म में अभी दबोच लेगी। मैंने डर के मारे सिक्का से बस यही कहा कि 'बिना पीछे देखे जल्दी से होटल की तरफ भागो।' दोनों दोस्त किसी तरह डरते-छिपाते अपने कमरे पर पहुँचे। यह मजेदार कहानी कपिल देव ने नई दिल्ली में हरविंदर सिंह सिक्का की नई खोजी पृष्ठभूमि वाली किताब ‘द चाबी मास्टर’ के लोकार्पण के मौके पर सुनाई। इस खास शाम में देश की सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन, जाने-माने फिल्म निर्माता बोनी कपूर, प्रसिद्ध लेखक शिव खेड़ा और जय मदान जैसी दिग्गज हस्तियां उपस्थित रहीं।
युवाओं की रील बनाने की आदत पर कपिल देव का तंज
इसी मंच से कपिल देव ने आज के बच्चों और युवाओं में बढ़ते सोशल मीडिया और रील बनाने के चस्के पर गहरी फिक्र जाहिर की। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बाजार में एक से बढ़कर एक बेहतरीन किताबें आ रही हैं, मगर आज की नई पीढ़ी स्वाध्याय और पढ़ने की आदत से दूर होती जा रही है। युवा वर्ग सिर्फ मोबाइल स्क्रीन पर रील स्क्रॉल करने में अपना समय गंवा रहा है। पूर्व कप्तान ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को गैजेट्स से दूर कर किताबों की दुनिया से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।
'राजी' के बाद अब 'द चाबी मास्टर' पर भी बन सकती है फिल्म
आपको बता दें कि 'द चाबी मास्टर' पुस्तक में हरविंदर सिंह सिक्का ने अपने नौसैनिक जीवन के उतार-चढ़ावों और देश की गुप्तचर दुनिया के कई अनछुए पहलुओं को पन्नों पर उतारा है। सिक्का इससे पहले अपने मशहूर उपन्यास 'कॉलिंग सहमत' के लिए बड़ी ख्याति बटोर चुके हैं, जिस पर आलिया भट्ट स्टारर सुपरहिट फिल्म 'राजी' का निर्माण हुआ था। लेखक सिक्का ने कहा कि वतन की हिफाजत के लिए कई ऐसे जांबाज काम करते हैं, जिनका नाम और चेहरा कभी दुनिया के सामने नहीं आ पाता। उनकी यह नई कृति ऐसे ही एक गुमनाम 'रॉ' (RAW) अधिकारी के वास्तविक अनुभवों और सीक्रेट ऑपरेशन्स से प्रेरित है।
समारोह में पहुंचे फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर ने इस कहानी की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह सिनेमा के पर्दे पर 'राजी' को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला, ठीक वैसे ही 'द चाबी मास्टर' में भी एक ब्लॉकबस्टर फिल्म बनने का पूरा माद्दा है। इस दौरान देश के नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अपने जांबाजों को बेहद विषम परिस्थितियों में त्वरित फैसले लेने और मानसिक रूप से फौलादी बनने का प्रशिक्षण देती है, और यही ट्रेनिंग आगे चलकर देश के खुफिया और गुप्त अभियानों में रीढ़ की हड्डी साबित होती है।

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