जैसलमेर: किलों की भव्यता, सुनहरी रेत के धोरों और शाही खातिरदारी के लिए मशहूर 'स्वर्ण नगरी' जैसलमेर ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। अपनी शानदार मेहमाननवाजी और पर्यटकों के प्रति अनूठे लगाव की वजह से जैसलमेर ने दुनिया के सबसे बेहतरीन स्वागत करने वाले शहरों में अपनी जगह पक्की कर ली है।
विख्यात ग्लोबल ट्रैवल पोर्टल 'बुकिंग डॉट कॉम' द्वारा जारी विश्व के टॉप-10 सबसे शानदार मेहमाननवाज शहरों की ताजा सूची में जैसलमेर को 9वां स्थान मिला है। इस अंतरराष्ट्रीय कामयाबी के पीछे यहाँ के आलीशान होटलों का सबसे बड़ा योगदान है, जिसमें 'होटल सूर्यगढ़' एक मुख्य नायक के रूप में उभरा है। सूर्यगढ़ की बेमिसाल सेवाओं और अनूठे अंदाज ने जैसलमेर को वैश्विक पटल पर यह मुकाम दिलाने में सबसे अहम भूमिका अदा की है।
वैश्विक मंच पर चमका 'होटल सूर्यगढ़' का जादू
दुनिया के सबसे बड़े ट्रैवल पोर्टल 'ट्रिप एडवाइजर' के प्रतिष्ठित 'ट्रैवलर्स चॉइस अवार्ड्स-2026' में भी जैसलमेर के पर्यटन उद्योग का डंका बजा है। देश के टॉप-25 आलीशान और बेहतरीन होटलों की मुख्य सूची में यहाँ के होटलों ने शान से अपनी जगह बनाई है, जिसमें 'होटल सूर्यगढ़' शीर्ष पर काबिज है।
थार रेगिस्तान के बीचो-बीच स्थित सूर्यगढ़ सिर्फ ठहरने की जगह नहीं, बल्कि यह राजस्थानी संस्कृति, आधुनिक सुख-सुविधाओं और शाही जीवनशैली का एक बेजोड़ संगम है। यहाँ आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों ने सूर्यगढ़ की वास्तुकला, स्टाफ के सेवा भाव और यहाँ के अनुभवों को दुनिया में सबसे लाजवाब माना है। इस होटल ने अपनी बेहतरीन सेवाओं और एकदम अनूठी लोकेशन के दम पर दुनियाभर के सैलानियों का दिल जीता है।
अन्य होटलों ने भी बिखेरी चमक
जैसलमेर की इस कामयाबी को दोगुना करने में यहाँ के अन्य होटलों का भी बड़ा हाथ रहा है। 'रिसोर्ट द सराय' ने भी देश के चुनिंदा आलीशान होटलों की मुख्य सूची में अपनी जगह बनाई है। वहीं, ट्रिप एडवाइजर की अन्य विशेष श्रेणियों में 'मेरियट रिसोर्ट एवं स्पा' तथा 'द गढ़ जैसल' ने भी शानदार रेटिंग पाकर बाजी मारी है। हालांकि, इन सबमें सूर्यगढ़ का आकर्षण सबसे अलग और खास रहा।
पर्यटकों को भा रहा सोनार किला और मखमली धोरे
विभिन्न ट्रैवल पोर्टल्स पर सैलानियों द्वारा दिए गए रिव्यूज से साफ है कि जैसलमेर का जादू अब पहले से कहीं ज्यादा गहरा गया है। सैलानी यहाँ के इकलौते जीवित किले 'सोनार किला' को बेहद पसंद करते हैं, जहाँ आज भी शहर की एक बड़ी आबादी निवास करती है। इसके साथ ही पटवा हवेली की बारीक नक्काशी को देखने के लिए भी लोग खिंचे चले आते हैं।
दूसरी ओर, सम के मखमली धोरों के बीच स्थित डेजर्ट कैंप्स में रात गुजारना और राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाना पर्यटकों का सबसे बड़ा क्रेज बन चुका है। लेकिन इन सबके बीच, होटल सूर्यगढ़ में बिताए गए पल सैलानियों के लिए सबसे यादगार अनुभव साबित हो रहे हैं।
पर्यटन के टूटे सारे रिकॉर्ड, रोजगार को मिलेगी रफ्तार
इस शानदार मेहमाननवाजी का ही नतीजा है कि बीते वर्ष जैसलमेर में 41 लाख से अधिक देसी-विदेशी सैलानी पहुंचे थे, जो कि पर्यटन के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है। इस नई वैश्विक रैंकिंग के बाद स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होटल सूर्यगढ़ को मिली इस अंतरराष्ट्रीय पहचान के बाद आगामी सीजन में पर्यटकों की संख्या में और भारी इजाफा होगा। इससे स्थानीय हस्तशिल्प, होटल व्यवसाय, ट्रैवल एजेंसियों और गाइड सहित हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे पूरे जिले की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी।
सेलिब्रिटीज की पहली पसंद: शाही शादियों का गवाह
सूर्यगढ़ सिर्फ अपनी सामान्य मेहमाननवाजी ही नहीं, बल्कि आलीशान डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है। बॉलीवुड के प्रसिद्ध सितारे सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी जैसी बड़ी हस्तियों ने इसी होटल के पारंपरिक प्रांगण (बावड़ी) में सात फेरे लेकर अपनी शादी को यादगार बनाया था। यहाँ की भव्य सजावट, मशालों की रोशनी और लोक संगीत के बीच होने वाली शादियां किसी सपने जैसी लगती हैं।
शाही कमरों का किराया और आधुनिक सुविधाएं
होटल सूर्यगढ़ में पर्यटकों के लिए बेहद आलीशान कमरे, हेरिटेज सुइट्स और प्राइवेट विला बनाए गए हैं, जो पुराने महलों की याद दिलाते हैं। यहाँ कमरों का शुरुआती किराया सीजन के अनुसार सामान्यतः 12 हजार से 50 हजार रुपए प्रति रात से शुरू होता है, जो यहाँ के आलीशान और बड़े विला के लिए लाखों रुपए तक जाता है। यहाँ ठहरने वाले सैलानियों को स्विमिंग पूल, स्पा और थार की संस्कृति से जुड़े कस्टमाइज्ड टूर जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं, जो पर्यटकों के इस सफर को पूरी तरह पैसा वसूल और लाइफटाइम एक्सपीरियंस बना देती हैं।

More Stories
IIIT Delhi का कमाल, कोडिंग ओलिंपिक के विश्व फाइनल्स में पहुंची टीम
हाईटेंशन करंट की चपेट में आया छात्र, इलाज के दौरान तोड़ा दम
हेडलाइट की चकाचौंध बनी मौत का कारण, तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़