मोबाइल दुकान में आईपीएल सट्टा: ऑनलाइन बैटिंग रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने 3 सटोरियों को दबोचा

जालंधर  |  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैचों पर बड़े पैमाने पर चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस की विशेष टीम ने वेस्ट क्षेत्र में जाल बिछाकर सट्टा लगाने वाले तीन मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर देर रात की गई इस छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अत्याधुनिक मोबाइल फोन, लैपटॉप और भारी मात्रा में नकद राशि जब्त की है।

मोबाइल दुकान की आड़ में चल रहा था सट्टेबाजी का नेटवर्क

प्राप्त विवरण के अनुसार, शहनाई पैलेस मार्ग पर स्थित एक मोबाइल गैलरी में व्यापार की आड़ में काफी समय से ऑनलाइन बेटिंग का यह अवैध धंधा संचालित किया जा रहा था। इस बात का पुख्ता इनपुट मिलते ही पुलिस बल ने योजनाबद्ध तरीके से दुकान की घेराबंदी की और अचानक दबिश दी। मौके से पुलिस ने मोबाइल शॉप के संचालक केशव मदान, उसके सहयोगी जसनूर और एक अन्य साथी को सट्टेबाजी का हिसाब-किताब करते हुए गिरफ्तार कर लिया।

कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगी

एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि ये सट्टेबाज आम और सीधे-साधे लोगों को बेहद कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देते थे और उन्हें इस दलदल में धकेल देते थे। शुरुआती पड़ताल में यह बात साफ हुई है कि मुख्य आरोपी केशव अपने गुर्गों के साथ मिलकर दुकान के अंदर से ही पूरा बेटिंग सिंडिकेट और डिजिटल नेटवर्क संभाल रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

बड़े रैकेट के खुलासे की उम्मीद, आरोपियों से पूछताछ जारी

पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस की तकनीकी टीम उनके मोबाइल और लैपटॉप के डेटा को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच से इस सट्टेबाजी नेटवर्क के तार अन्य राज्यों या बड़े सट्टा किंगों से जुड़े होने के सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई अन्य सफेदपोशों के नामों का पर्दाफाश हो सकता है और कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।