ब्रैम्पटन। कनाडा के ओंटारियो प्रांत में स्थित ब्रैम्पटन शहर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 'महल स्वीट्स' नामक एक रेस्तरां पर अज्ञात हमलावरों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इस सनसनीखेज वारदात के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से प्रसारित हो रही है, जिसमें भारत के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां इस इंटरनेट पोस्ट और दावों की प्रामाणिकता की गहराई से जांच कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर हथियार का वीडियो और फिरौती की धमकी
इंटरनेट पर यह कथित पोस्ट 'आरजू बिश्नोई' नामक एक फेसबुक प्रोफाइल से साझा की गई है, जिसके साथ एक वीडियो भी संलग्न है। इस वीडियो में एक ऑटोमैटिक गन में गोलियां लोड करके चलाते हुए दिखाया गया है। धमकी भरे इस लिखित संदेश में दावा किया गया है कि मिठाई दुकान पर यह हमला आरजू बिश्नोई, टायसन बिश्नोई और शुभम लोंकर के इशारे पर किया गया है। पोस्ट में रेस्तरां संचालक को चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि उसे पहले भी जबरन वसूली (रंगदारी) के लिए फोन किया गया था जिसे उसने नजरअंदाज कर दिया, लेकिन अगर अब दोबारा ऐसा किया तो परिणाम बेहद घातक होंगे।
गैंग के भीतर गुटबाजी और बिखराव की खबरों का खंडन
इस डिजिटल संदेश के जरिए इस कुख्यात आपराधिक गिरोह ने अपने संगठन में किसी भी प्रकार की फूट या आपसी मतभेद की खबरों का पूरी तरह खंडन किया है। पोस्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि मीडिया या अन्य माध्यमों पर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के बिखरने की जो भी बातें चल रही हैं, वे महज अफवाहें हैं। गिरोह के सभी सदस्य पूरी तरह एकजुट हैं और भविष्य में भी एक साथ मिलकर अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम देते रहेंगे।
कनाडाई पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं
कनाडा की स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। विदेशी धरती पर एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर दी गई इस अंतरराष्ट्रीय धमकी के बाद इलाके के व्यापारियों में डर का माहौल है। पुलिस प्रशासन तकनीक और साइबर विशेषज्ञों की मदद से इस सोशल मीडिया अकाउंट के आईपी एड्रेस और हमले के पीछे शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं का सुराग लगाने की कोशिश कर रहा है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

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