गर्मियों के तेवर कड़े होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। खासकर दोपहर के वक्त झुलसाने वाली गर्मी में घर से बाहर कदम रखना सेहत के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है। पारा बढ़ने के कारण शरीर में पानी का स्तर गिरना, अचानक सिर घूमना, कमजोरी आना और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आने लगती हैं। ऐसे में बेहद जरूरी है कि जब भी आप चौखट से बाहर निकलें, पूरी तैयारी और सावधानी के साथ निकलें।
यदि किसी जरूरी काम या नौकरी के सिलसिले में आपको दोपहर की धूप में जाना ही पड़ता है, तो कुछ बेहद आसान और घरेलू तौर-तरीकों को अपनाकर आप लू की चपेट में आने से खुद को बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस भीषण सीजन में सुरक्षित रहने के लिए किन बातों को अपनी आदत में शामिल करना जरूरी है।
1. खाली पेट दहलीज पार करने की भूल न करें
तपती धूप में खाली पेट घर से बाहर निकलने पर शरीर बहुत जल्दी निढाल हो जाता है और गर्म हवाएं तुरंत असर करती हैं। इसलिए जब भी बाहर जाएं, कुछ न कुछ हल्का और सुपाच्य भोजन करके ही निकलें। दलिया, पोहा या ओट्स जैसा पौष्टिक आहार शरीर में लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखता है।
2. निकलने से ठीक पहले कंठ जरूर तर करें
गर्मियों में पसीने के रास्ते शरीर का पानी बहुत तेजी से सूखता है। बॉडी को डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाने का सबसे सरल नियम यही है कि जब आप घर से निकलने वाले हों, तो उससे 5 मिनट पहले कम से कम दो गिलास पानी जरूर पिएं।
3. ओआरएस (ORS) और देसी पेयों को बनाएं ढाल
सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि इस मौसम में नींबू पानी, नमकीन छाछ, पुदीने का शरबत, ओआरएस घोल और कच्चे नारियल का पानी अमृत समान काम करते हैं। ये प्राकृतिक पेय शरीर में सोडियम और पोटेशियम जैसे जरूरी मिनरल्स का संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे अचानक कमजोरी नहीं आती।
4. ढीले-ढाले और सूती कपड़ों का करें चुनाव
गर्मियों में आपके पहनावे का रंग और फैब्रिक बहुत मायने रखता है। काले या गहरे रंग के कपड़े हीट (गर्मी) को अपनी तरफ खींचते हैं, जिससे शरीर ज्यादा तपता है। इसके विपरीत, हल्के रंग के सूती (कॉटन) कपड़े पहनने से बदन को हवा मिलती है, पसीना जल्दी सूखता है और ठंडक बनी रहती है।
5. सिर और चेहरे को धूप से बचाएं
सूरज की सीधी और तीखी किरणें यदि सीधे सिर पर पड़ें, तो लू लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए जब भी धूप में जाएं, अपने पास छाता जरूर रखें या फिर सिर को सूती गमछे, स्कार्फ या टोपी (कैप) से अच्छी तरह ढककर निकलें। आँखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस (धूप का चश्मा) लगाना भी एक बेहतर विकल्प है।
6. बाहर से लौटते ही 'चिल्ड वॉटर' पीने से बचें
धूप से तपे-तपाए घर वापस आने के तुरंत बाद फ्रिज का एकदम ठंडा या बर्फ का पानी पीने की गलती बिल्कुल न करें। अचानक अत्यधिक ठंडी चीज गले और पेट में जाने से शरीर का अंदरूनी तापमान (थर्मल बैलेंस) बिगड़ जाता है, जिससे सर्दी-जुकाम, बुखार या गले में भयंकर इन्फेक्शन हो सकता है। थोड़ा ठहरें और नॉर्मल या मटके का पानी ही पिएं।
7. शरीर के संकेतों को समझें और तुरंत एक्शन लें
अगर धूप में रहने के दौरान अचानक तेज सिरदर्द हो, चक्कर आने लगें, बहुत ज्यादा घबराहट हो या उल्टी जैसा महसूस होने लगे, तो इसे मामूली थकान समझकर टालें नहीं। ये लू लगने या हीट स्ट्रोक के शुरुआती अलार्म हो सकते हैं। ऐसा महसूस होने पर तुरंत किसी ठंडी या एयर-कंडीशनर वाली जगह पर जाएं, चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे मारें और आराम न मिलने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें।

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