इस्लामाबाद: पाकिस्तान में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इमरान खान को नियमित जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें पुनः जेल स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, उनकी बहन उज्मा खान ने आरोप लगाया है कि इमरान खान को जेल में गंभीर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है और उनकी सेहत लगातार गिर रही है। उज्मा के अनुसार, इमरान खान ने यह आशंका जताई है कि उनके साथ मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी जैसी घटना दोहराई जा सकती है।
कौन थे मोहम्मद मोर्सी और कैसे हुई थी उनकी मृत्यु?
मोहम्मद मोर्सी 2011 की 'अरब स्प्रिंग' क्रांति के बाद 2012 में मिस्र के पहले लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति बने थे। हालांकि, महज एक साल बाद 2013 में सेना ने तख्तापलट कर उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया और गिरफ्तार कर लिया।
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17 जून 2019 की घटना: काहिरा की एक अदालत में सुनवाई के दौरान साउंडप्रूफ कांच के कटघरे में बंद 67 वर्षीय मोर्सी अचानक गश्त खाकर गिर पड़े और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया।
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चिकित्सीय लापरवाही के आरोप: हालांकि आधिकारिक तौर पर मृत्यु का कारण दिल का दौरा बताया गया, लेकिन उनके परिवार, समर्थकों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि जेल में उन्हें आवश्यक चिकित्सा (विशेषकर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं) न देकर जानबूझकर उनकी स्थिति को जानलेवा बनाया गया।
इमरान खान की तुलना और वर्तमान चिंताएं
इमरान खान द्वारा खुद की स्थिति की तुलना मोहम्मद मोर्सी से किए जाने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। मोर्सी के बेटे ने भी मृत्यु से पूर्व आरोप लगाया था कि प्रशासन उन्हें मानसिक रूप से तोड़ना और अलग-थलग रखना चाहता है ताकि उनकी मृत्यु स्वाभाविक लगे। इमरान खान के समर्थकों और परिजनों का कहना है कि अदियाला जेल में उन्हें भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखकर इसी प्रकार के संकट की ओर धकेला जा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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