मुंबई/अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे से पहले नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) ने बुलेट ट्रेन के काम का लेटेस्ट अपडेट साझा किया है। बुलेट ट्रेन परियोजना पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। इसके तहत गुजरात के अहमदाबाद से मुंबई के बांद्रा तक हाईस्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को निर्माण हो रहा है। एनएचएसआरसीएल ने 27 अगस्त तक अपडेट साझा किया है। इसमेंबताया है कि 508 किलोममीटर लंबे कॉरिडोर में 317 किलोमीट हिस्से पर वायाडक्ट का काम पूरा कर लिया गया है। पियर वर्क 396 किमी, पियर फाउंडेशन 407 किमी और गर्डर कास्टिंग का काम 337 किमी हिस्से पर पूरा हो चुका है। बुलेट ट्रेन का बड़ा हिस्सा गुजरात में है। गुजरात और डीएनएच 352 किमी कॉरिडोर हैं जबकि महाराष्ट्र में 156 किमी हिस्सा पड़ता है।
बुलेट ट्रेन में कुल 12 स्टेशन हैं
मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में कुल 12 थीम आधारित स्टेशन हैं। इसमें गुजरात में साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलीमोरा, वापी है। जबकि महाराष्ट्र में बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई हैं। NHSRCL ने कहा है कि कुल 21 नदी पुल हैं। इसमें 17 नदियों पर पुल का निर्माण पूरा किया जा चुका है। ये पुल पार (वलसाड), पूर्णा (नवसारी), मिन्धोला (नवसारी), अम्बिका (नवसारी), औरंगा (वलसाड), वेगनिया (नवसारी), मोहर (खेड़ा), धाधर (वडोदरा), कोलक (वलसाड), वत्रक (खेड़ा), कावेरी (नवसारी), खरैरा (नवसारी), मेश्वा (खेड़ा), किम (सूरत), दरोथा (वलसाड), दमन गंगा (वलसाड) और विश्वामित्रि (वडोदरा) पर बनाए गए हैं। इसके साथ आठ स्टील ब्रिज बन चुके हैं।
गुजरात में लग रहे नॉइज बैरियर
NHSRCL के अनुसार गुजरात में वायाडक्ट पर नॉइज़ बैरियर लगाने का काम चल रहा है। लगभग 3,90,000 नॉइज बैरियर 195 किमी लंबे खंड पर लगाए जा चुके हैं। इतना ही नहीं गुजरात में 198 ट्रैक किमी ट्रैक बेड निर्माण पूरा किया जा चुका है। वायाडक्ट पर 200 मीटर लंबे रेल पैनल बनाने हेतु वेल्डिंग कार्य प्रगति पर है। गुजरात में ओवरहेड इक्विपमेंट मास्ट (ओएचई) लगाने का काम चल रहा है। सूरत-बिलिमोरा बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच करीब 1600 ओएचई मास्ट लगाए गए हैं, जो मेनलाइन वायडक्ट के करीब 40 किलोमीटर हिस्से को कवर करते हैं।
महाराष्ट्र में क्या है स्थिति?
NHSRCL ने बताया है कि महाराष्ट्र में बीकेसी और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग का काम निर्माणाधीन है। न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि (एनएटीएम) के माध्यम से शिलफाटा और एडीआईटी पोर्टल से दो समवर्ती फेस से लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। पालघर ज़िले में सात पहाड़ी सुरंगों की खुदाई का काम चल रहा है। कुल 6 किमी में से 2 किमी कार्य पूरा हो गया है। गुजरात में सभी आठ स्टेशनों का संरचनात्मक कार्य पूरा हो गया है, बिल्डिंग इंटीरियर व फिनिशिंग कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। महाराष्ट्र में मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन पर बेस स्लैब डाली जा रही है। विरार और बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए पहली स्लैब कास्टिंग पूरी हो गई है।

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