जयपुर । देश की राजधानी में मंगलवार की रात अचानक बिगड़े मिजाज और विपरीत हवाई परिस्थितियों का सीधा असर उड़ानों पर पड़ा। मौसम में आई इस अचानक खराबी की वजह से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाले कई विमानों को एहतियात के तौर पर राजस्थान के जयपुर एयरपोर्ट की तरफ मोड़ना (डायवर्ट करना) पड़ा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तेज आंधी-तूफान, कम दृश्यता (विजिबिलिटी) और मौसमी बदलाव के कारण विमानों की सुरक्षित लैंडिंग कराना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। ऐसे में मुसाफिरों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने तत्परता दिखाते हुए उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें जयपुर भेजने का निर्देश दिया।
मुसाफिरों को झेलनी पड़ी परेशानी, एयरपोर्ट प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
अचानक रूट डायवर्ट किए जाने के कारण विमानों में सवार यात्रियों को काफी मानसिक और शारीरिक असुविधा का सामना करना पड़ा। बहुत से यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में तय समय से काफी ज्यादा वक्त लग गया, तो वहीं कुछ उड़ानों के मुसाफिरों को लंबे समय तक हवाई अड्डे के टर्मिनल्स पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। हालांकि, इस आपात स्थिति के दौरान विमानन कंपनियों और जयपुर व दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से परेशान यात्रियों के लिए खाने-पीने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की मदद तत्काल मुहैया कराई गई। विमानन अधिकारियों ने बताया कि देर रात मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद हवाई यातायात को दोबारा बहाल किया गया और जयपुर भेजे गए विमानों को स्थिति के अनुसार वापस दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
मानसून पूर्व की मौसमी गतिविधियों का असर, सुरक्षा मानकों का रखा गया ध्यान
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगमन से ठीक पहले (प्री-मानसून अवधि) देश के उत्तरी हिस्सों में इस तरह के अचानक तेज अंधड़ और मौसम में बदलाव आना एक सामान्य भौगोलिक प्रक्रिया है। ऐसे प्रतिकूल हालातों में एविएशन सेक्टर के कड़े सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ही एयरलाइंस को वैकल्पिक हवाई पट्टियों का सहारा लेना पड़ता है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। इस व्यवस्था के कारण भले ही परिचालन में देरी हुई, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद जरूरी कदम था।
विमानन कंपनियों ने यात्रियों को दी पहले से स्टेटस चेक करने की सलाह
रात में आए इस मौसमी व्यवधान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हवाई यातायात पर खराब मौसम का असर कितना गहरा और व्यापक हो सकता है। समय रहते लिए गए सही फैसलों की वजह से कोई बड़ा हादसा या गंभीर समस्या खड़ी नहीं हो सकी। इस घटनाक्रम के बाद विभिन्न विमानन कंपनियों ने आम यात्रियों को यह विशेष परामर्श और सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दिनों में घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन के जरिए फ्लाइट की ताजा स्थिति (स्टेटस) की जांच अवश्य कर लें, ताकि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बच सकें।

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