कलेक्ट्रेट मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध वसूली का खुलासा, निगम कर्मचारियों पर कार्रवाई

रायपुर। राजधानी के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में लंबे समय से चल रहे अवैध वसूली और संदिग्ध गतिविधियों के खेल का खुलासा हुआ है। नगर निगम की उड़नदस्ता टीम और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में यह बात सामने आई कि बिना किसी वैध टेंडर के ही यहां धड़ल्ले से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था। जांच के दौरान मौके पर अवैध पर्चियां, संदिग्ध दस्तावेज और आर्म्स लाइसेंस बरामद किए गए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बिना टेंडर और फर्जी पर्चियों से वसूली

हैरानी की बात यह है कि जिस पार्किंग के लिए अब तक कोई आधिकारिक टेंडर जारी नहीं हुआ, वहां निजी लोग अवैध रूप से पैसा वसूल रहे थे। जांच में बिना सीरियल नंबर और सील वाली पर्चियां मिली हैं, जिनका उपयोग लोगों से 10 से 20 रुपये तक वसूलने के लिए किया जा रहा था। इतना ही नहीं, पार्किंग शुल्क का पैसा व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) का इस्तेमाल भी किया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, निगम कर्मचारियों की जगह बाहरी लोगों द्वारा वसूली करना एक गंभीर अपराध है।

हथियार लाइसेंस और संदिग्ध दस्तावेज बरामद

छापेमारी के दौरान टीम को ठेकेदार मोहम्मद शोएब के नाम की मासिक पास पर्ची और एक आर्म्स लाइसेंस मिला है। आर्म्स लाइसेंस पर जरूरी मुहर न होने के कारण पुलिस ने उसे संदेह के घेरे में लेते हुए जब्त कर लिया है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले नगर निगम के चार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह अवैध वसूली पिछले तीन महीनों से लगातार जारी थी।

अवैध गतिविधियों और शराबखोरी का अड्डा

स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने शिकायत की है कि पहले यह पार्किंग निशुल्क थी, लेकिन अब जबरन वसूली की जा रही है। पार्किंग स्थल केवल अवैध वसूली तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यहां देर रात शराबखोरी, बकरा काटने और असामाजिक तत्वों के जमावड़े की खबरें भी मिलती रही हैं। विरोध करने पर वाहन चालकों को डराया-धमकाया जाता था। फिलहाल, पुलिस और निगम की टीम इस पूरे नेक्सस की गहराई से जांच कर रही है ताकि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।