October 11, 2026

बेटे की चुनावी हार के बाद हुमायूं कबीर का बड़ा बयान, 6 दिसंबर 2028 तक मस्जिद बनाने का दावा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और नाओदा से विधायक हुमायूं कबीर का एक नया और चर्चित बयान सामने आया है। हुमायूं कबीर ने घोषणा की है कि मुरशिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद का निर्माण कार्य पूरा होने के तुरंत बाद वह हमेशा के लिए दुबई चले जाएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह वहां 10 साल के 'गोल्डन वीजा' पर निवास करेंगे।

हुमायूं कबीर का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब हाल ही में संपन्न हुए रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में उनके बेटे को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी योजना दिसंबर 2028 तक हर हाल में मस्जिद का निर्माण पूरा करने और उसके बाद दुबई में बसने की है।

रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा की बड़ी और ऐतिहासिक जीत

मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल मानी जाने वाली रेजीनगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ी और चौंकाने वाली जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार शंकरराव सरकार ने आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद को 75,816 वोटों के भारी-भरकम अंतर से करारी शिकस्त दी है। इस चुनावी नतीजे को इस क्षेत्र की राजनीतिक गलियारों में भाजपा की एक बेहद महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। अपने बेटे की इस करारी हार से आहत हुमायूं कबीर ने इस पूरी चुनाव प्रक्रिया और उसके परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस प्रशासन पर सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर आरोप

विधायक हुमायूं कबीर ने राज्य की मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से मुर्शिदाबाद जिले के पुलिस अधिकारियों ने भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया है। उन्होंने दावा किया कि यह जनता का वास्तविक जनादेश नहीं है, बल्कि प्रशासनिक मशीनरी और पुलिस का खुलकर दुरुपयोग करके भाजपा को जबरन जिताया गया है।

दिसंबर 2028 तक मस्जिद का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

आपको बता दें कि हुमायूं कबीर ने पूर्व में मुरशिदाबाद के रेजीनगर में ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद के प्रारूप और मॉडल पर एक भव्य मस्जिद के निर्माण की घोषणा की थी। इस प्रस्तावित मस्जिद की आधारशिला ठीक 6 दिसंबर 2025 को रखी गई थी। उन्होंने दोहराया है कि उनका मुख्य लक्ष्य आगामी 6 दिसंबर 2028 तक इस मस्जिद का निर्माण पूरी तरह से मुकम्मल करना है। इसके पश्चात उनकी योजना दुबई जाकर 10 साल के गोल्डन वीजा के तहत रहने की है।