अबु धाबी
BAPS हिंदू मंदिर, संयुक्त अरब अमीरात के अबु धाबी में निर्मित यह धार्मिक स्थल रविवार से आम जनता के लिए खुल गया है। आंकड़े बता रहे हैं कि पहले ही दिन मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 60 हजार के आंकड़े को पार कर गया है। फरवरी में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मंदिर का उद्घाटन किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बस और कार के जरिए सुबह 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। जबकि, शाम में यह आंकड़ा 25 हजार तक पहुंच गया। खास बात है कि इतनी भीड़ होने के बाद भी 2-2 हजार के श्रद्धालुओं का बैच तैयार किया गया और सभी बगैर धक्का मुक्की के दर्शन के लिए कतार में इंतजार करते नजर आए।
मंदिर आकर श्रद्धालुओं ने कहा- बहुत खुशी मिली
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी शादी के पहले दिन यहां आकर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यहां आने और भगवान का आशीर्वाद लेने का यह बहुत अच्छा अवसर है। यहां बहुत शांति है। उन्होंने कहा कि मंदिर की वास्तुकला अविश्वसनीय है। यह काफी सुंदर है। हम अपनी शादी के पहले दिन यहां आकर बहुत खुश हैं।
साधु ब्रह्मबिहारीदास का कहना है, 'इस दिन को हकीकत में बदलने के लिए पूर्ण समर्थन देने और नई बस सेवाओं के लिए हम यूएई के नेताओं और स्थानीय अधिकारियों के आभारी हैं। मैं उन श्रद्धालुओं का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जो बेहद शांति से रहे। यह मंदिर आध्यात्मिकता, सद्भावना के प्रतीक के रूप में काम करेगा जो सभी लोगों को साथ लाएगा।'
अबु धाबी के सुमंत राय बताते हैं, 'हजारों लोगों के बीच मैंने कभी ऐसी गजब की व्यवस्था नहीं देखी। मुझे इस बात से चिंतित थी कि मुझे घंटों इंतजार करना पड़ेगा और शांति से दर्शन नहीं हो सकेंगे, लेकिन हमें अच्छे से दर्शन हुए और पूरी तरह से संतुष्ट हैं। BAPS के वॉलिंटियर्स और मंदिर स्टाफ का धन्यवाद।'
UAE का पहला हिंदू मंदिर
साल 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन ने मंदिर निर्माण के लिए 13.5 एकड़ जमीन दान कर दी थी। बाद में साल 2019 में यूएई सरकार ने मंदिर के लिए 13.5 एकड़ जमीन और दे दी, जिसके चलते मंदिर के लिए प्राप्त जमीन 27 एकड़ तक पहुंच गई। साल 2017 में पीएम मोदी ने मंदिर की आधारशिला रखी थी।
14 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने किया था उद्घाटन
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी को पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया था। एक दिन पहले बीएपीएस ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह मंदिर लोगों के लिए प्रत्येक दिन सुबह 9 से शाम 8 बजे तक खुला रहेगा। मंदिर का निर्माण बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) की ओर से करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 27 एकड़ में कराया गया है। मंदिर के लिए जमीन यूएई सरकार ने दान में दी है। मंदिर अबू धाबी में 'अल वाकबा' नाम की जगह पर 20,000 वर्ग मीटर की जमीन पर बना है। हाइवे से सटा अल वाकबा अबू धाबी से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है। आंकड़ों के मुताबिक, यूएई में तकरीबन 26 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहां की आबादी का लगभग 30% हिस्सा है।

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