मुंबई। देश की दिग्गज म्यूचुअल फंड कंपनियों में शुमार एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) और उसके लाखों निवेशकों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। कंपनी के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर में सेंध लगाकर बेहद संवेदनशील डेटा चोरी करने वाले 'मॉर्फियस' नामक रैनसमवेयर हैकर ग्रुप के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।
डेटा लीक और सार्वजनिक करने पर कोर्ट की तत्काल रोक
बॉम्बे हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के जस्टिस श्रीराम शिरसाट ने 29 मई को इस गंभीर साइबर हमले के मामले की आपातकालीन सुनवाई की। अदालत ने 'मॉर्फियस' हैकर्स के खिलाफ एक अंतरिम निषेधाज्ञा (अस्थायी रोक) जारी करते हुए साफ किया कि चुराए गए किसी भी गोपनीय डेटा को वितरित करने, इंटरनेट पर डालने या उसका खुलासा करने पर तुरंत पाबंदी रहेगी। अदालत ने माना कि यदि इस संवेदनशील वित्तीय डेटा का दुरुपयोग, सौदा या सार्वजनिक तौर पर लीक किया जाता है, तो इसके बेहद विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं और इससे निवेश करने वाली जनता व वादी कंपनी को ऐसा नुकसान होगा जिसकी भरपाई नामुमकिन है।
केंद्र सरकार और आईटी मंत्रालयों को सख्त निर्देश
अदालत ने केवल साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने तक ही अपनी कार्रवाई को सीमित नहीं रखा, बल्कि केंद्र सरकार को भी इस डेटा लीक के दुष्परिणामों को रोकने के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाने को कहा है। माननीय न्यायालय ने दूरसंचार विभाग (DoT) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के माध्यम से केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि चोरी किए गए गोपनीय डेटा को होस्ट करने वाले या उससे जुड़े सभी इंटरनेट अकाउंट्स, लिंक्स और यूआरएल को तुरंत हटाने, डिलीट करने, ब्लॉक करने और निष्क्रिय (डिसेबल) करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
एचडीएफसी एएमसी ने सुरक्षा के लिए खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
गौरतलब है कि इस रैनसमवेयर अटैक की शिकार हुई एचडीएफसी एएमसी ने निवेशकों के हितों और अपनी साख को सुरक्षित रखने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। कंपनी ने अपनी इस कानूनी गुहार में विशेष रूप से इन शीर्ष सरकारी तकनीकी विभागों से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी, ताकि हैकर्स चुराए गए डेटा के दम पर कंपनी को ब्लैकमेल न कर सकें और न ही इसे डार्क वेब या अन्य प्लेटफॉर्म्स पर बेच सकें। इस अदालती आदेश के बाद अब सरकारी सुरक्षा एजेंसियां और कंपनी की आईटी टीम मिलकर इस डिजिटल सेंधमारी के असर को कम करने में जुट गई हैं।

More Stories
देश की अर्थव्यवस्था को मिला बूस्ट, तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंची कारोबारी वृद्धि
UPI का जलवा बरकरार, एक महीने में ₹30 लाख करोड़ के पार पहुंचा ट्रांजैक्शन
महंगाई का नया झटका: आज से बढ़ी कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतें