स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी नई रफ्तार, एमवाय के सी-ब्लॉक का निर्माण कार्य शुरू

इन्दौर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थानों में शामिल महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। यहाँ एक नए 9 मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। करीब 800 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाली यह बहुमंजिला इमारत आने वाले समय में मध्य प्रदेश की शासकीय चिकित्सा व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह से बदल देगी।

संभागायुक्त ने निर्माण कार्य का लिया जायजा

हाल ही में इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने इस निर्माणाधीन अस्पताल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और चल रहे विकास कार्यों की मौजूदा प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण एजेंसी को कड़े लहजे में हिदायत दी कि प्रोजेक्ट को तय डेडलाइन के भीतर और बेहतरीन क्वालिटी के साथ पूरा किया जाए। संभागायुक्त ने जोर देकर कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल इंदौर बल्कि पूरे मालवा और निमाड़ अंचल के लाखों गरीब व मध्यमवर्गीय मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज मुफ्त में मुहैया कराने में मील का पत्थर साबित होगी।

तीन अलग-अलग ब्लॉक्स में बंटा होगा नया परिसर

महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने इस विशाल प्रोजेक्ट की तकनीकी खूबियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नई बहुमंजिला इमारत को मुख्य रूप से ए, बी और सी नामक तीन अलग-अलग ब्लॉक्स में बांटा गया है। वर्तमान में सी-ब्लॉक के निर्माण का काम जमीन पर शुरू हो चुका है, जिसके भीतर वर्ल्ड क्लास ऑपरेशन थिएटर और कई महत्वपूर्ण मेडिकल विभाग संचालित किए जाएंगे। पूरे परिसर की बात करें तो यहाँ कुल मिलाकर 40 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तैयार किए जा रहे हैं।

1600 बेड्स की विशाल क्षमता और ओपीडी ब्लॉक

अस्पताल की क्षमता का ब्योरा देते हुए डीन ने बताया कि इस नए सरकारी अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए कुल 1600 बिस्तरों (Beds) का बड़ा सेटअप तैयार हो रहा है। इसके ए-ब्लॉक में अस्पताल के सभी प्रशासनिक दफ्तर और बेहद विशाल बाह्य रोगी विभाग (OPD) संचालित किया जाएगा ताकि मरीजों को पर्चा बनवाने और डॉक्टरों को दिखाने में भटकना न पड़े। इसके अलावा बाकी बचे ब्लॉक्स में अलग-अलग गंभीर बीमारियों से जुड़े विशेषज्ञ विभाग शिफ्ट किए जाएंगे, जो इंटरनेशनल मेडिकल मानकों से लैस होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रखी थी आधारशिला

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले साल 14 दिसंबर 2025 को एमवाय अस्पताल परिसर में इस बहुप्रतीक्षित और भव्य स्वास्थ्य परियोजना का भूमि-पूजन किया था। मध्य प्रदेश भवन विकास निगम की सीधी देखरेख में बन रहे इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मेडिसिन, जटिल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, बच्चों के रोग और उनकी सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, ईएनटी (नाक-कान-गला), दंत रोग, स्किन रोग, नेत्र रोग, प्रसूति (मातृ एवं शिशु वार्ड) और तत्काल इलाज के लिए इमरजेंसी मेडिसिन जैसे दर्जनों अहम विभागों को आधुनिक मशीनों के साथ स्थापित किया जा रहा है।