जोधपुर। जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीते दो दिनों में पाँच और प्रसूताओं की हालत गंभीर हो गई, जिन्हें उम्मेद अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें से एक महिला को वेंटिलेटर पर है, जबकि तीन आईसीयू में उपचाराधीन हैं। यह घटना शहर में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ा रही है।
उम्मेद अस्पताल के सुप्रीडेंट डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि ये सभी प्रसूताएं अन्य केंद्रों से गंभीर हालत में रेफर की गई थीं। उनकी तबीयत डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लड लॉस) के कारण बिगड़ी थी। डॉ. मकवाना ने दावा किया कि सभी को एक जैसी दवाएं दी जा रही हैं, इसलिए दवाओं में किसी तरह के संशय की गुंजाइश नहीं है। हालांकि, उन्होंने निर्देश मिलने पर जाँच कराने की बात भी कही।
इन पाँचों में से चार प्रसूताओं को शुरुआत में आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में तीन आईसीयू में और एक वेंटिलेटर पर है, जबकि एक को सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले एक महीने में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुल तेरह प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले 20 जून को भी पावटा के जिला अस्पताल में आठ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी थी, जिनमें से दो को बाद में एम्स रेफर करना पड़ा था। उस समय की जाँच में ओटी, दवाइयाँ और प्रसूताओं के सभी टेस्ट सामान्य पाए गए थे। बार-बार सामने आ रही ये घटनाएँ स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं और सिजेरियन डिलीवरी के बाद की जटिलताओं पर गहन विचार की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

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