भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित प्रतिष्ठित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के छात्रावासों में एक बड़ी अव्यवस्था उजागर हुई है। संस्थान के हॉस्टल नंबर-9 और 11 में रहने वाले छात्रों ने बुनियादी सुविधाओं की भारी किल्लत को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से नियमित पानी की किल्लत, दूषित जलापूर्ति, बेस्वाद व घटिया भोजन और हॉस्टल की जर्जर हो चुकी इमारत के कारण उनका रहना दूभर हो गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि छात्र यहां रहने को अपनी जान जोखिम में डालने जैसा बता रहे हैं।
दूषित भोजन-पानी से 80 से अधिक छात्र बीमार
हॉस्टल में रह रहे छात्रों का दावा है कि दूषित पानी पीने और मेस के गंदे भोजन के कारण अब तक 80 से ज्यादा छात्र गंभीर रूप से बीमार हो चुके हैं। इनमें से कई पीड़ित छात्रों का इलाज शहर के शारदा अस्पताल और अन्य निजी चिकित्सालयों में चल रहा है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन बदतर परिस्थितियों में सुधार नहीं किया, तो हॉस्टल के हालात आने वाले दिनों में और ज्यादा गंभीर और बेकाबू हो सकते हैं।
गंदगी से बढ़ा भयंकर संक्रमण का खतरा
पीड़ित छात्रों के अनुसार, सुबह के समय हॉस्टल में पानी न आने से उनकी दैनिक दिनचर्या और पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रही-सही कसर हॉस्टल के शौचालयों ने पूरी कर दी है, जहां नियमित सफाई न होने के कारण वे इस्तेमाल करने लायक ही नहीं बचे हैं। पूरे छात्रावास परिसर में जगह-जगह फैली गंदगी और वहां से उठती भीषण बदबू के कारण अब हॉस्टल में कोई खतरनाक संक्रमण या महामारी फैलने का डर सताने लगा है।
भारी-भरकम फीस के बाद भी सुविधाएं शून्य
छात्रों ने प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रत्येक सेमेस्टर में हर छात्र से हॉस्टल मेंटेनेंस (रखरखाव) के नाम पर 10,500 रुपये की मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन इसके बदले में सुविधाएं बिल्कुल शून्य हैं। आक्रोशित छात्रों ने मांग की है कि परिसर की रोजाना व्यवस्थित सफाई हो, पर्याप्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएं, मेस के भोजन और पीने के पानी की गुणवत्ता की कड़ाई से जांच हो और बीमार छात्रों के इलाज का उचित प्रबंध किया जाए। इसके साथ ही छात्रों ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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