चंडीगढ़। देश में परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस बार इसे लेकर पंजाब और हरियाणा के सियासी गलियारों में भारी घमासान शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी और हरियाणा की भाजपा सरकार इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं और दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर लगातार हमले बोल रहे हैं।
हरियाणा सरकार पर AAP का हमला
विवाद की शुरुआत तब हुई जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि हरियाणा में अब तक तीस से भी ज्यादा भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं के कारण प्रभावित हुई हैं। इनमें ग्राम सचिव, पटवारी, क्लर्क, पुलिस कांस्टेबल, एचटीईटी, टीजीटी, नायब तहसीलदार और आबकारी निरीक्षक जैसी कई प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं, जिन्हें विवादों के बाद रद्द करना पड़ा। पार्टी का कहना है कि इन गड़बड़ियों के कारण सालों से दिन-रात मेहनत कर रहे लाखों युवाओं का समय, पैसा और भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो रहा है।
भाजपा का पलटवार और दावे
हरियाणा भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्ष पर केवल भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश और बिना रिश्वत के पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को नौकरियां दी हैं। इसके साथ ही भाजपा ने AAP को सलाह दी है कि वह हरियाणा पर झूठे आरोप लगाने के बजाय पंजाब में नशे की समस्या, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और भर्ती मामलों पर जनता को जवाब दे।
पंजाब की परीक्षा पर सीएम सैनी का निशाना
इसी बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है। सीएम सैनी ने याद दिलाया कि कुछ समय पहले तक मनीष सिसोदिया दावा कर रहे थे कि अगर पंजाब में पेपर लीक हुआ तो वहां के शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा देंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि अब पंजाब में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
पंजाब सरकार का स्पष्टीकरण
दूसरी ओर पंजाब सरकार ने इन सभी आरोपों पर अपनी सफाई पेश करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने साफ किया कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि फार्मेसी अधिकारी परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से नकल करने की कोशिश की थी, जिन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषियों को पकड़ा गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नकल के किसी भी प्रयास को पेपर लीक बताना पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।

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