अहमदाबाद। अहमदाबाद में आयोजित होने वाले 'वाइब्रेंट नवरात्रि' (Vibrant Navratri) के आयोजन और उसकी प्रवेश व्यवस्था को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष द्वारा कार्यक्रम में प्रवेश के लिए कथित ‘पास सिस्टम’ को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद, राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सामने आकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है और इसे पूरी तरह से नागरिक हित में उठाया गया कदम बताया है।
‘पास सिस्टम’ नहीं, बल्कि ‘ऑनलाइन टोकन व्यवस्था’
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने साफ किया कि इस व्यवस्था को ‘पास सिस्टम’ के रूप में देखना बिल्कुल सही नहीं है। सरकार ने आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक सरल ‘टोकन सिस्टम’ तैयार किया है।
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सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत: इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को किसी भी सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाने या लंबी औपचारिकताओं से गुजरने से बचाना है।
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घर बैठे सुविधा: लोग अपने घर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करके आसानी से आवश्यक टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
दिव्यांग बच्चों और ग्रामीण नागरिकों के लिए विशेष प्रबंध
वाइब्रेंट नवरात्रि के इस आयोजन को केवल प्रवेश व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए, समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए सरकार ने कई विशेष इंतजाम किए हैं:
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दिव्यांगों के लिए सुविधा: विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों को कार्यक्रम स्थल तक मुफ्त लाने और कार्यक्रम के बाद उन्हें सुरक्षित उनके घर वापस पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे भी बिना किसी बाधा के नवरात्रि उत्सव का आनंद ले सकें।
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ग्रामीण क्षेत्रों के लिए परिवहन: अहमदाबाद शहर के बाहर और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग भी इस उत्सव का हिस्सा बन सकें, इसके लिए उन्हें मुफ्त परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य इस आयोजन को केवल शहरी सीमाओं तक सीमित न रखकर व्यापक स्तर पर जोड़ना है।
विपक्ष पर पलटवार और राजनीतिक बयानबाजी
विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए हर्ष संघवी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने व्यवस्था से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़े या समझे बिना ही बेवजह सवाल खड़े किए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इस पारदर्शी टोकन व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय विपक्ष को नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं को समझना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि इस पूरी व्यवस्था का एकमात्र उद्देश्य लोगों को सहूलियत देना और अधिक से अधिक नागरिकों को वाइब्रेंट नवरात्रि के इस भव्य उत्सव से जोड़ना है।
इस प्रकार, वाइब्रेंट नवरात्रि की प्रवेश व्यवस्था अब ‘पास’ बनाम ‘टोकन’ की राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है, जहां एक तरफ सरकार इसे नागरिक-केंद्रित डिजिटल सुविधा बता रही है, वहीं विपक्ष इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है।

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