ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती वातानुकूलित (एसी) स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग जाने से नौ यात्रियों की झुलसकर मृत्यु हो गई तथा 20 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में तीन पुरुष व तीन महिलाएं शामिल हैं, जबकि अन्य शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
इस हादसे में चालक की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। यात्रियों द्वारा धुएं और जलने की दुर्गंध की शिकायत किए जाने के बाद भी चालक ने वाहन रोकने से मना कर दिया और अमर्यादित व्यवहार किया। बुधवार रात्रि लगभग 11:30 बजे दिल्ली से महोबा जा रही यह निजी बस जेवर हवाई अड्डे से कुछ दूरी पर हादसे का शिकार हुई। बस में लगभग 30-35 यात्री सवार थे। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वाहन चालकों पवन व विनोद तथा परिचालक योगेश को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्राथमिक जांच में वातानुकूलित संयंत्र में शॉर्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा जताया गया है।
घटनाक्रम का पूरा ब्योरा
बुधवार रात्रि की प्रमुख घटनाओं का समयबद्ध विवरण निम्न प्रकार है:
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रात्रि 09:00 बजे: दिल्ली स्थित कश्मीरी गेट से निजी स्लीपर बस (पंजीकरण संख्या BR32PA8647) महोबा हेतु रवाना हुई।
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रात्रि 11:30 बजे: बस यमुना एक्सप्रेसवे पर 33 किलोमीटर बिंदु के समीप पहुंची।
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रात्रि 11:35 बजे: यात्रियों को चालक केबिन की ओर से जलने की तीखी गंध महसूस हुई।
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रात्रि 11:40 बजे: चालक की सीट के समीप आग की लपटें दिखाई देने लगीं।
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रात्रि 11:42 बजे: वाहन के भीतर धुआं भरने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
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रात्रि 11:43 बजे: चालक बस रोककर मौके से भाग निकला, जिसके बाद यात्रियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया।
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रात्रि 11:50 बजे: समीपवर्ती गांवों के ग्रामीण सहायता हेतु पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।
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रात्रि 11:55 बजे: पुलिस व आपदा राहत दल ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य प्रारंभ किया।
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रात्रि 12:10 बजे: आग पर नियंत्रण पाया गया और घायलों को चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।
मृतकों की शिनाख्त और प्रशासनिक प्रयास
दुर्घटना में जान गंवाने वाले जिन यात्रियों की शिनाख्त हो चुकी है, उनके विवरण इस प्रकार हैं:
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श्रुति रावत (31 वर्ष), निवासी छतरपुर, मध्य प्रदेश
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सरोज गुप्ता (52 वर्ष), निवासी मुगलपुरिया बाजार, राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
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मयंक गुप्ता (28 वर्ष), निवासी मुगलपुरिया बाजार, राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
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देवेंद्र सहाय भारद्वाज (60 वर्ष), निवासी ग्राम चंद्र नगर, हिसार, हरियाणा
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हर शरण गुप्ता (55 वर्ष), निवासी राजेंद्र नगर, उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश
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ऊषा देवी (65 वर्ष), निवासी मुख्य मार्ग, मुस्कुरा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
स्थानीय निवासियों और दमकल टीम द्वारा राहत कार्य
घटनास्थल से कुछ दूरी पर गश्त कर रहे पुलिस गश्ती वाहन ने जेवर थाने एवं दमकल विभाग को तत्काल सूचित किया। लगभग 25 मिनट के भीतर पुलिस तथा दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भीषण लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीण भी यात्रियों की सहायता हेतु एकत्र हो गए।
आग बुझने के उपरांत भी बस का ढांचा अत्यधिक गर्म होने के कारण पुलिस ने कटर के माध्यम से पिछला हिस्सा काटकर अंदर फंसे लोगों को निकाला। इस दौरान विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक) टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
डीएनए जांच से कराई जाएगी अवशेष शवों की पहचान
अत्यधिक झुलस जाने तथा पहचान संबंधी दस्तावेजों के जल जाने के कारण शेष शवों की शिनाख्त करना अत्यंत कठिन हो गया है। पुलिस प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से डीएनए (DNA) परीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, बस संचालक से आरक्षण चार्ट, यात्रियों के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड व व्यक्तिगत वस्तुओं के आधार पर स्वजनों से पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
यातायात प्रभाव और मुख्य मार्ग की बहाली
हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर नोएडा से आगरा जाने वाली लेन लगभग दो घंटे तक बाधित रही। जेवर टोल एवं फलैदा कट पर एहतियातन 20 मिनट के लिए यातायात रोका गया। अग्निशमन कार्य पूर्ण होने के पश्चात रात्रि लगभग 02:30 बजे एकल लेन से वाहनों की आवाजाही पुनः प्रारंभ कराई गई, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
अभियुक्तों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया
दुर्घटना के पश्चात वाहन छोड़कर फरार हुए चालकों और परिचालक को पुलिस ने साबीता अंडरपास के समीप से गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। प्राथमिक जांच में ज्ञात हुआ है कि मुख्य चालक पवन विगत 15 वर्षों से वाहन चलाने का अनुभव रखता है और नोएडा में किराए पर निवास करता है।
डिग्गी में मिले संदिग्ध व ज्वलनशील पदार्थ
जांच दल को बस के लगेज कंपार्टमेंट (डिग्गी) से सिलेंडर तथा अत्यधिक मात्रा में नेल पॉलिश की बोतलें मिली हैं। नेल पॉलिश में उपस्थित ज्वलनशील रसायनों के कारण आग के तीव्र प्रसार की आशंका जताई जा रही है। वाणिज्यिक यात्री बसों में इस प्रकार की ज्वलनशील सामग्री के परिवहन पर प्रतिबंध होता है। प्रशासन द्वारा इस बात की भी जांच की जा रही है कि बिना अनुमति यह सामग्री बस में किस प्रयोजन से रखी गई थी।

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