झारखंड के छात्रों के लिए बड़ी सौगात, बरियातू राजकीय फार्मेसी संस्थान में शुरू होगी बी-फार्मा की पढ़ाई

रांची: झारखंड के उन युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर है जो फार्मेसी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। राजधानी रांची के बरियातू में स्थित राजकीय फार्मेसी संस्थान को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जहां अब लंबे समय के बाद बैचलर ऑफ फार्मेसी यानी बी-फार्मा की डिग्री पढ़ाई भी शुरू होने जा रही है। शासन स्तर पर मिली इस मंजूरी के बाद राज्य के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे अपने ही प्रदेश में रहकर यह डिग्री हासिल कर सकेंगे।

पीसीआई ने दी 60 सीटों पर दाखिले की औपचारिक मंजूरी

इस नए बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की तरफ से बरियातू संस्थान को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी गई है। काउंसिल द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक संस्थान को बी-फार्मा के प्रथम वर्ष के लिए कुल साठ सीटों पर छात्र-छात्राओं के नामांकन की अनुमति दी गई है। खास बात यह है कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद भी संस्थान में पहले से चल रहे डिप्लोमा इन फार्मेसी यानी डी-फार्मा कोर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उसकी साठ सीटों की मान्यता भी पहले की तरह ही बरकरार रहेगी।

नए शैक्षणिक सत्र से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया, भवन पहले से है तैयार

संस्थान प्रबंधन की तैयारियों के अनुसार इस नए चार वर्षीय डिग्री कोर्स की शुरुआत आगामी शैक्षणिक सत्र से कर दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दाखिले की यह पूरी प्रक्रिया अगले साल से व्यवस्थित रूप से शुरू होगी। इसके बुनियादी ढांचे की बात करें तो छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी क्योंकि बी-फार्मा की कक्षाओं और प्रैक्टिकल लैब के संचालन के लिए एक साल पहले ही पूरी तरह से आधुनिक और नया भवन बनकर तैयार हो चुका है, जो अब पूरी तरह उपयोग के लिए तैयार है।

कॉलेज में बढ़ेंगी सुविधाएं, 56 नए पदों पर जल्द होंगी नियुक्तियां

इस बड़े स्तर के कोर्स को बेहतर ढंग से चलाने और कॉलेज की प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार भी पूरी मुस्तैदी दिखा रही है। सरकार ने संस्थान के विस्तार को देखते हुए पहले ही छप्पन नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इनमें बाईस पद प्रोफेसर और शिक्षकों के होंगे जो शिक्षा का स्तर सुधारेंगे, जबकि ज्योतिष अन्य पद गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए होंगे। इन सभी पदों पर जल्द ही योग्य कर्मचारियों की बहाली की जाएगी जिससे बरियातू फार्मेसी कॉलेज राज्य के एक शीर्ष संस्थान के रूप में उभर सकेगा।