August 20, 2026

बस किराया बढ़ाने के खिलाफ ग्राहक पंचायत, RTO से यात्री सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग

इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साधारण यात्री बसों के किराए में की गई भारी बढ़ोतरी के विरोध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, इंदौर महानगर ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) प्रदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपकर बढ़ी हुई दरें तत्काल वापस लेने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि सरकार ने साधारण बसों का किराया ₹1.25 प्रति किलोमीटर से सीधे बढ़ाकर ₹2 प्रति किलोमीटर कर दिया है, जो लगभग 60 प्रतिशत से अधिक की अप्रत्याशित वृद्धि है। इससे आम यात्रियों, छात्रों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।

उपभोक्ता संगठनों को दरकिनार करने का आरोप

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि इस दर वृद्धि का निर्णय लेते समय किसी भी उपभोक्ता संगठन से कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया। जिस आम यात्री के किराए से पूरी परिवहन व्यवस्था संचालित होती है, उसी की आवाज को दरकिनार कर एकतरफा फैसला लिया गया। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में बहादुर सिंह राजपूत, डीजी मिश्र, देवेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ. विजय श्रीवास्तव, विनोद ठाकुर, अजय रघुवंशी और मनोज पंवार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

किराया वापसी समेत रखीं पांच मुख्य मांगें

संगठन ने शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि भविष्य में उपभोक्ता हित से जुड़े विषयों पर जन-संगठनों को परामर्श प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

  • किराया वृद्धि की वापसी: साधारण बसों के किराए में की गई बढ़ोतरी को तुरंत निरस्त किया जाए या जनहित में तर्कसंगत पुनर्निर्धारण हो।

  • मूलभूत यात्री सुविधाएं: बस स्टैंडों और बसों के भीतर पीने का पानी, शौचालय, प्रतीक्षालय और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।

  • पारदर्शिता और नियम पालन: बसों में किराया सूची, बस संचालक का नाम, हेल्पलाइन नंबर तथा फिटनेस व बीमा विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं।

  • ओवरलोडिंग व मनमानी पर अंकुश: त्योहारों के समय होने वाली ओवरलोडिंग और यात्रियों से वसूले जाने वाले अतिरिक्त किराए पर सख्ती से रोक लगे।

  • प्रभावी शिकायत निवारण: यात्रियों की समस्याओं के समयबद्ध और त्वरित समाधान के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जाए।