November 4, 2026

पुराने वाहनों को लेकर सरकार की तैयारी तेज, इसी साल जारी हो सकता है नोटिफिकेशन

नई दिल्ली। देश भर में निरंतर विकराल रूप धारण कर रहे वायु प्रदूषण के स्तर पर प्रभावी नियंत्रण पाने और पुरानी गाड़ियों के आवागमन पर पूरी तरह लगाम कसने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 'वाहन स्क्रैप पॉलिसी' को और अधिक कठोर बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अब देश भर के अधिकृत वाहन स्क्रैप सेंटरों पर उपयोग में लाए जाने वाले तकनीकी उपकरणों और मशीनों के लिए बेहद कड़े मानक तय किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की मनमानी या अवैध तरीके से होने वाली स्क्रैपिंग गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सके। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस नई नीति की औपचारिक अधिसूचना इसी वर्ष जारी किए जाने की प्रबल संभावना है, जिसके पश्चात आगामी वर्ष से ये कड़े नियम देश भर में अनिवार्य रूप से लागू कर दिए जाएंगे। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान अभी तक देश के विभिन्न पंजीकृत स्क्रैप केंद्रों पर लगभग एक लाख चौरासी हजार वाहनों को सफलतापूर्वक स्क्रैप किया जा चुका है।

स्क्रैप सेंटरों के लिए मानकीकृत और आधुनिक उपकरण होंगे अनिवार्य

अब तक की व्यवस्था के अंतर्गत देश के विभिन्न हिस्सों में वाहनों को नष्ट या स्क्रैप करने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों व यंत्रों का कोई एक निश्चित या एकसमान राष्ट्रीय मानक निर्धारित नहीं था, जिसके चलते विभिन्न सेंटर अपनी सुविधानुसार अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते थे। मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे नए और संशोधित नियमों के तहत अब देश के सभी पंजीकृत वाहन स्क्रैप सेंटरों के लिए एक जैसे, उच्च गुणवत्ता वाले और अत्याधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों का प्रयोग करना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे न केवल स्क्रैपिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि पर्यावरण मानकों का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।