नई दिल्ली
गूगल ने मंगलवार को कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में लंबित अपील वाले डेवलपर्स के सभी डिलिस्टेड ऐप्स को अस्थायी रूप से बहाल कर रहा है, क्योंकि सरकार ने मामले को सुलझाने के लिए टेक दिग्गज और डिजिटल स्टार्टअप से बातचीत की है। कंपनी के प्रवक्ता ने आईएएनएस को दिए बयान में कहा कि वह विभिन्न अदालतों में स्थापित अपने बिजनेस मॉडल को लागू करने के अपने अधिकार को बरकरार रखेे हुई है।
उन्होंने कहा, "हम अंतरिम में अपनी पूरी लागू सेवा शुल्क का भुगतान करेंगे और इन कंपनियों के लिए भुगतान की समय-सीमा बढ़ा रहे हैं।" सर्च इंजन गूगल ने आगे कहा कि वह सभी पक्षों की जरूरतों का सम्मान करने वाले समाधान खोजने के लिए सहयोगात्मक प्रयास की उम्मीद करता है।
इससे पहले दिन में, केंद्रीय आईटी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि गूगल इस मुद्दे को हल करने के लिए सहमत हो गया है और 10 कंपनियों से संबंधित सभी ऐप्स को बहाल करेगा। उन्होंने कहा, "गूगल हमारी प्रौद्योगिकी विकास यात्रा का समर्थन कर रहा है और हमें विश्वास है कि घरेलू स्टार्टअप और कंपनी दीर्घकालिक समाधान तक पहुंचेंगे।"
भारतीय स्टार्टअप संस्थापकों ने गूगल की नई प्ले स्टोर नीतियों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखते हुए सोमवार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वैष्णव और इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर से मुलाकात की और कहा कि सरकार ने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया है।
गूगल ने पिछले हफ्ते प्ले स्टोर से मैट्रीमोनी डॉट कोॅम, नौकरी डॉट कोॅम, शादी डॉट कोॅम सहित प्रमुख भारतीय डिजिटल कंपनियों के लगभग एक दर्जन ऐप्स को हटा दिया था।

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