सम्मान से FIR तक! 15 दिन पहले SP से सम्मानित थाना प्रभारी अब जांच के घेरे में

फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में खाकी को दागदार करने वाला एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है, जहां सदर थाने के मालखाने में जब्त कर रखी गई शराब की पेटियों को अवैध रूप से खुर्द-बुर्द कर दिया गया। इस संगीन मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह के विरुद्ध ही आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में मालखाने से करीब 100 से अधिक शराब की पेटियां गायब होने की पुष्टि हुई है।

पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण में खुली पोल

इस पूरे काले कारनामे का भंडाफोड़ उस समय हुआ जब पुलिस अधीक्षक (एसपी) निकिता खट्टर ने मालखाने के रिकॉर्ड और वहां रखी सामग्री की बारीकी से जांच करवाई। स्टॉक में भारी विसंगति और शराब की पेटियां गायब मिलने पर एसपी ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने के कड़े आदेश जारी किए। इसके साथ ही, आरोपी इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह को शुक्रवार की शाम को ही पद से हटाकर लाइन हाजिर (पुलिस लाइन में ट्रांसफर) कर दिया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए उनकी जगह पर रतिया के थाना प्रभारी को सदर थाने की कमान सौंपी गई है।

विशेष जांच टीम का गठन और अन्य कर्मियों पर संशय

मालखाने से इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी कस्टडी से माल गायब होना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं माना जा रहा है, जिसके चलते इस मामले में थाने के कुछ अन्य पुलिसकर्मियों और मुंशी पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए इसकी कमान सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) दिव्यांशी सिंगला को सौंपी गई है। एएसपी की अगुवाई में विशेष टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि गायब की गई शराब को कहां खपाया गया और इस रैकेट में कौन-कौन शामिल था।

सम्मान के पंद्रह दिन बाद ही दर्ज हुआ मुकदमा

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि जिस थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह पर आज भ्रष्टाचार और अमानत में ख्यानत का मुकदमा चला है, उन्हें महज 15 दिन पहले ही उनके उत्कृष्ट कार्यों और बेहतर पुलिसिंग के लिए विभाग द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया था। पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार ने इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, इसलिए आरोपी अधिकारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।