August 29, 2026

पहली बार बिना संगठन महामंत्री के होगी भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति

ओरछा में जुटेंगे नेता, बैठक के लिए 318 नेता ही पात्र

भोपाल। मप्र भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक निवाड़ी जिला स्थित ओरछा में 30 एवं 31 अगस्त को होने जा रही है। जिसमें 318 पदाधिकारी अलग-अलग सत्र में शामिल होंगे। जिनमें जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी से लेकर संभागीय प्रभारी, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विधायक, सांसद, मप्र के केंद्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे। खास बात यह है कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पहली बार बिना प्रदेश संगठन महामंत्री की अनुपस्थिति में हो रही है। हालांक संगठन मंत्री की भूमिका क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल निभाएंगे।
  कार्यसमिति की बैठक में जो सत्र संगठन मंत्री के निर्धारित होता था, उसे अजय जामवाल संबोधित करेंगे। जिसमें मप्र भाजपा के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा, गतिविधियों की जानकारी देंगे। साथ ही आयोजित हो चुकी गतिविधियों पर भी व्याख्यान देंगे। कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय संगठन मंत्री शिवप्रकाश भी शामिल होंगे। मप्र भाजपा में पहली बार है कि संगठन मंत्री का पद लंबे समय से खाली है। हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के बाद से यह पद खाली है। निकट भविष्य में भी प्रदेश संगठन मंत्री के पद पर नियुक्ति की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है। क्योंकि देशभर में ऐसे एक दर्जन प्रदेश हैं, जहां भाजपा संगठन मंत्री की नियुक्ति नहीं की गई है। आमतौर पर भाजपा में संगठन मंत्री की भूमिका अहम रहती है। संघ, भाजपा और सरकार के बीच समन्वय की प्रमुख जिम्मेदारी रहती है।

अलग-अलग सत्रों को संबोधत करेंगे नेता

दो दिन तक चलने वाली बैठक में मप्र भाजपा एवं केंद्रीय पदाधिकारी अलग-अलग सत्रों में शामिल होंगे। सत्रों को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, केंद्रीय पदाधिकारी शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी संबोधित करेंगे। साथ ही राष्ठ्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मप्र सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी सत्र को संबाधित करेंगे।

बैठक के बाद होगी अलग बैठक

कार्यसमिति की बैठक के बाद मप्र भाजपा की अलग बैठक होगी। जिसमें संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। भाजपा सूत्रों ने बताया कि विशेष बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने को लेकर रणनीति तय होगी। जिसमें सभी मोर्चा पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।