भोपाल: भोपाल के बागसेवनिया क्षेत्र स्थित दीपशिखा अस्पताल में देर रात उस समय एक बड़ा हादसा टल गया, जब भूतल पर स्थित आपातकालीन वार्ड में अचानक आग लग गई। आग लगते ही जहरीला धुआं अस्पताल की चारों मंजिलों में फैल गया, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के समय अस्पताल में प्रसूताओं सहित लगभग 20 मरीज मौजूद थे। पुलिस टीम और अस्पताल के कर्मचारियों ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए सभी मरीजों को सकुशल बाहर निकाल लिया।
गश्ती जवानों की मुस्तैदी से मिली जानकारी
अस्पताल के बाहर गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने इमारत से धुआं उठता देख तत्काल अंदर मौजूद स्टाफ को सचेत किया। सूचना मिलते ही बागसेवनिया थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। धुएं के भारी गुबार के कारण पुलिस अधिकारियों ने लिफ्ट का उपयोग न करते हुए बाहरी सीढ़ियों के जरिए बचाव कार्य शुरू किया। करीब 15 पुलिसकर्मियों ने आधे घंटे तक चले राहत अभियान के दौरान सभी नवप्रसूताओं और अन्य मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी प्रभावितों को तुरंत नजदीकी सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
आग पर पाया गया काबू, स्थानीय लोगों का हंगामा
अस्पतालकर्मियों ने अग्निशामक यंत्रों की सहायता से शुरुआती आग पर नियंत्रण पाना शुरू कर दिया था। नगर निगम की दमकल गाड़ियां पहुंचने से पहले ही स्थिति पर काबू पा लिया गया था। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। अस्पताल के आसपास रहने वाले निवासियों ने सुरक्षा मानकों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। फिलहाल पुलिस आग लगने के स्पष्ट कारणों और अस्पताल की अग्निशमन व्यवस्था की जांच कर रही है।

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