मुजफ्फरपुर। पवित्र सावन महीने की पहली सोमवारी यानी आगामी तीन अगस्त को बाबा गरीबनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए कांवरिया भक्तों के जत्थे शुक्रवार को बाबा का आशीर्वाद लेकर पहलेजा घाट के लिए रवाना हो गए हैं। सुबह आठ बजे से ही प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से बाबा के दर्शन और पूजन किए, जिसके बाद 'बाबा गरीबनाथ की जय' और 'हर हर महादेव' के गगनभेदी जयघोष के बीच गंगा जल भरने के वास्ते पहलेजा घाट की ओर प्रस्थान किया।
डाक कांवरियों का जत्था भी शामिल, वैशाली के रास्ते तय कर रविवार शाम पहुंचेंगे मंदिर
इस पावन यात्रा में सामान्य कांवरियों के साथ-साथ कठिन साधना वाले डाक कांवरिये भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। ये डाक कांवरिये शुक्रवार की शाम तक पहलेजा घाट पहुंचकर स्नान, विशेष पूजा-अर्चना और पवित्र गंगा जल भरने के बाद मुजफ्फरपुर के लिए अपनी आगे की यात्रा शुरू करेंगे। वे वैशाली जिले के निर्धारित पारंपरिक मार्ग से होते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचेंगे और रविवार की शाम तक यहां पहुंचकर विश्राम स्थल पर रुकेंगे। इसके पश्चात, रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि यानी रात 12 बजे से शुरू होने वाली पहली सोमवारी के पावन अवसर पर वे बाबा का जलाभिषेक करेंगे।
इस बार टूट सकता है श्रद्धालुओं का पुराना रिकॉर्ड, डेढ़ लाख तक पहुंच सकती है संख्या
बाबा गरीबनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि सावन की पहली सोमवारी को लेकर मंदिर प्रशासन और प्रबंध समिति द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा है। पिछले वर्ष की पहली सोमवारी पर सवा लाख से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया था, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग डेढ़ लाख तक पहुंचने की पूरी संभावना है, जिससे इस वर्ष नया रिकॉर्ड बन सकता है।
भीड़ नियंत्रण के लिए की गई विशेष व्यवस्था, अरघा प्रणाली से होगा जलाभिषेक
प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि पहली सोमवारी पर उमड़ने वाली अपार भीड़ को सुव्यवस्थित रूप से नियंत्रित करने के लिए इस बार भी विशेष 'अरघा' की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से एक साथ कई कांवरिये सरलता से अपना गंगाजल अर्पित कर सकेंगे और जल सीधे बाबा गरीबनाथ के शिवलिंग पर पहुंचेगा। रविवार और सोमवार की भारी भीड़ को प्रबंधित करने के बाद सोमवार शाम को इसे हटा दिया जाएगा ताकि अन्य दिनों में भक्त सीधे जलाभिषेक कर सकें। इसके अतिरिक्त, भक्तों की सुविधा के लिए अरघा के समीप बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिससे श्रद्धालु जलाभिषेक का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।

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