सातारा: महाराष्ट्र के सातारा शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पारिवारिक विवाद के दौरान अपनी 17 साल की बेटी की हत्या करने के आरोप में एक शिक्षक पिता को गिरफ्तार किया गया है। सातारा के गोडोली इलाके के स्वराज्यनगर में हुई इस खौफनाक वारदात के बाद आरोपी ने अपने जुर्म के सबूतों को ठिकाने लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद लेने की कोशिश की थी। उसने एआई चैटबॉट से यह तक पूछ लिया कि बेटी की हत्या करने के बाद उसके सबूतों को कैसे मिटाया जा सकता है।
हत्या के बाद सबूत छिपाने के लिए ऐसे रची गई थी साजिश
हालाँकि, एआई ने किसी भी प्रकार के आपराधिक कृत्य या अपराध में मदद करने से साफ इनकार कर दिया। जब आरोपी को वहां से कोई मदद नहीं मिली, तो उसने खुद ही अपने स्तर पर सबूत मिटाने के तमाम प्रयास किए। उसने खून से सने कपड़ों को वॉशिंग मशीन में लगातार तीन बार धोया, कमरे के फर्श से खून के धब्बों को साफ किया और इस जघन्य हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए क्रिकेट बैट को घर की छत पर छुपा दिया। इसके बाद उसने पुलिस को भी पूरी तरह गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने उसकी झूठी कहानी का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली मृतका की पहचान आर्या पुरुषोत्तम कदम (17) के रूप में हुई है, और हत्या के आरोप में उसके पिता पुरुषोत्तम कदम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
किस बात पर शुरू हुआ था विवाद और क्यों हुई हत्या?
पुलिस की विस्तृत जांच के अनुसार, शनिवार की आधी रात गोडोली स्थित उनके घर में टीवी देखने, मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने और कथित अशिष्ट व्यवहार को लेकर परिवार के भीतर कहासुनी शुरू हो गई थी। इसी विवाद के दौरान गुस्से में आकर आर्या ने अपनी छोटी बहन के साथ मारपीट कर दी। घर का बिगड़ता हुआ माहौल देखकर मां अपने दोनों छोटे बच्चों को लेकर बेडरूम में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
इसके बाद घर के दूसरे कमरे में आर्या और उसके पिता के बीच फिर से तीखी बहस शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, इस झड़प के दौरान आर्या ने अपने पिता पर भी हमला करने की कोशिश की। इससे अत्यधिक गुस्साए पुरुषोत्तम ने घर में रखा लकड़ी का एक क्रिकेट बैट उठाया और आर्या के सिर पर जोरदार वार कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
एआई से मदद न मिलने पर आरोपी ने खुद मिटाए सबूत
पुलिस का कहना है कि बेटी की मौत का अहसास होते ही आरोपी पुरुषोत्तम बुरी तरह घबरा गया। इसके बाद उसने अपने मोबाइल फोन के जरिए एआई की मदद लेने का प्रयास किया। उसने एआई से पूछा कि उससे अनजाने में बेटी की हत्या हो गई है और अब वह इस अपराध के सबूत कैसे मिटा सकता है। सुरक्षा और नैतिक दिशानिर्देशों के तहत एआई ने उसे ऐसी किसी भी जानकारी से साफ मना कर दिया।
जब उसे एआई से कोई सहायता नहीं मिली, तो उसने खुद ही सबूत मिटाने का सिलसिला शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, उसने आर्या की खून से सनी टी-शर्ट को वॉशिंग मशीन में डालकर तीन बार धोया। इसके बाद कमरे के फर्श पर लगे खून के निशानों को पानी से साफ किया और हत्या में प्रयुक्त खून से सने क्रिकेट बैट को घर की छत पर ले जाकर छिपा दिया।
झूठी कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
सबूतों को ठिकाने लगाने के बाद पुरुषोत्तम ने पुलिस की आपातकालीन 112 हेल्पलाइन पर फोन किया और एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई। पुलिस के अनुसार, उसने दावा किया कि आर्या गुस्से में थी और उसने खुद ही अपना सिर दीवार पर पटक लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
हालाँकि, जब पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया, तो मौके से मिले साक्ष्य उसकी बताई गई कहानी से बिल्कुल मेल नहीं खा रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया क्रिकेट बैट और अन्य अहम सबूत बरामद कर लिए। फॉरेंसिक जांच और पुलिस की कड़ी पूछताछ में जब पूरा सच सामने आ गया, तब पुलिस ने आरोपी पुरुषोत्तम कदम को गिरफ्तार कर लिया।

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