भोपाल। किसानों के समर्थन में अब 'जन-जेड' (Gen-Z) यानी युवा भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने लगे हैं। वे अपने हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर किसानों की मांगों के समर्थन में नारे लिख रहे हैं। आंदोलन स्थल पर किसानों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और जय जवान, जय किसान के नारों से पूरा माहौल गूंज रहा है।
भोपाल पहुंचे हजारों किसान
किसान क्रांति पैदल यात्रा के तहत नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन और सीहोर से हजारों की संख्या में किसान भोपाल पहुंच चुके हैं। करीब 19 किसान संगठन एकजुट होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि नर्मदापुरम के बरखेड़ा से शुरू हुई यह यात्रा ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल तक आ चुकी है। उन्होंने बताया कि हजारों किसान परिवार सड़कों पर डटे हैं और आज मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की तैयारी में हैं।
किसानों की पांच प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी किसान सरकार के समक्ष अपनी पांच मुख्य मांगें रख रहे हैं:
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मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी की जाए।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
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फसलों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील को तुरंत रद्द किया जाए।
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किसानों को दी गई सभी 'मोदी-गारंटी' को पूरा किया जाए।
सीएम हाउस घेराव की रणनीति
सुरक्षा बलों की कड़ी घेराबंदी और पुलिस की सख्ती के बावजूद किसान मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने के लिए नई-नई रणनीतियां बना रहे हैं। किसान नेता गजेंद्र सिंह जाट ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उन्हें रोकने की कोशिश करेगी, तो किसान अलग-अलग रास्तों से सीएम हाउस पहुंचने के विकल्प तलाशेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र और तेज किया जाएगा।

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