फैन की दीवानगी: 20 किलोमीटर का सफर तय कर मिला अपने पसंदीदा सितारों से

जाने-माने फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली और महान संगीतकार ए.आर. रहमान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। हाल ही में इस फिल्म के अनूठे प्रमोशन के लिए ए.आर. रहमान और इम्तियाज अली पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी-वाघा बॉर्डर पहुंचे।

यहाँ आयोजित 'जय हो– ए म्यूजिकल सैल्यूट टू द ब्रेवहार्ट्स' नाम के एक खास कार्यक्रम में ए.आर. रहमान ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लाइव परफॉर्मेंस दी। इस ऐतिहासिक संगीत कार्यक्रम को देखने के लिए भारतीय सीमा में तो भारी भीड़ उमड़ी ही थी, साथ ही सरहद पार पाकिस्तान से भी कई प्रशंसक (फैंस) इन कलाकारों की एक झलक पाने पहुंचे।

इम्तियाज और रहमान से मिलने लाहौर से आया फैन

इस कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान की तरफ से आए एक मुरीद ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक कर देने वाला अनुभव साझा किया है। पाकिस्तान के लाहौर स्थित गुलबर्ग के रहने वाले इस प्रशंसक ने बताया कि जैसे ही उसे इंस्टाग्राम रील के जरिए पता चला कि इम्तियाज अली और ए.आर. रहमान बॉर्डर पर आ रहे हैं, वह खुद को रोक नहीं पाया।

उसने लिखा, "लाहौर के लोग भारत से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर रहते हैं। रविवार की दोपहर को मैंने अपनी गाड़ी उठाई और 20 किलोमीटर का सफर तय कर बॉर्डर की तरफ भागा। रास्ते के वे 20 मिनट मुझे यह याद दिलाने के लिए काफी थे कि इन दोनों महान कलाकारों ने पिछले कई सालों में संगीत और सिनेमा को किस तरह संवारा है।"

'जीरो पॉइंट' पर हुई मुलाकात, छू नहीं सके पर दिल मिले

पाकिस्तानी फैन ने बताया कि साल 2004 के बाद से वह कभी बॉर्डर पर नहीं गया था, क्योंकि उसे सरहदें पसंद नहीं हैं। उसका मानना है कि सीमाएं तभी सार्थक हैं जब वे खुली और दोस्ताना हों। बंटवारे के बाद भी दोनों तरफ के लोगों का पहनावा, खान-पान, पंजाबी भाषा और संस्कृति पूरी तरह एक जैसी है।

प्रशंसक ने आगे लिखा, "मैं तेजी से सरहद की ओर बढ़ा और एक दोस्त की मदद से 'जीरो पॉइंट' तक पहुंचने में कामयाब रहा। यह वही जगह है जहां दोनों देशों के लोग आपस में मिल सकते हैं, बात कर सकते हैं, लेकिन एक-दूसरे को छू नहीं सकते। वहां पहुंचते ही मैंने घुंघराले सफेद बालों वाले व्यक्ति यानी इम्तियाज अली को देखा। मैंने बिना एक पल गंवाए जोर से आवाज लगाई— 'इम्तियाज… इम्तियाज…'। मेरी आवाज सुनकर वे तुरंत पीछे मुड़े।"

पाकिस्तान में भी बेहद लोकप्रिय हैं इम्तियाज की फिल्में

फैन ने जीरो पॉइंट से ही इम्तियाज अली से बातचीत की और उन्हें बताया कि सरहद पार पाकिस्तान में भी उनकी फिल्मों और कहानियों को बेहद पसंद किया जाता है। दोनों देशों की सीमाओं के बीच खड़े होकर हुई इस भावुक मुलाकात की चर्चा अब सोशल मीडिया पर खूब हो रही है।

12 जून को रिलीज होगी फिल्म

आपको बता दें कि साल 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की दर्दनाक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' उस दौर के मानवीय संकट और प्रेम कहानी को दर्शाती है। इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस रोमांटिक-ड्रामा फिल्म में दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह जैसे बेहतरीन कलाकार मुख्य किरदारों में नजर आएंगे। ए.आर. रहमान के संगीत से सजी यह फिल्म कल यानी 12 जून को देश-दुनिया के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।