कोटपुतली: दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मारुति नेक्सा वर्कशॉप में करंट की चपेट में आने से एक मैकेनिक की असामयिक मृत्यु के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा गया। इस दुखद हादसे से भड़के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने राजकीय बीडीएम अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ मना कर दिया। पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल और उचित मुआवजे की मांग को लेकर लोग अस्पताल परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। लगभग 20 घंटों तक चले इस भारी गतिरोध के बाद आखिरकार प्रशासन, वर्कशॉप प्रबंधन और परिजनों के बीच एक सहमति बनी, जिसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।
मुआवजे की मांग पर अड़े रहे परिजन
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में जुटना शुरू हो गए थे। प्रदर्शनकारियों का रुख बेहद कड़ा था; उनका कहना था कि जब तक पीड़ित परिवार के भविष्य और भरण-पोषण के लिए ठोस आर्थिक सहायता तथा लिखित गारंटी नहीं दी जाती, तब तक वे शव को मोर्चरी से बाहर नहीं निकालने देंगे। इस जिद के कारण शव करीब 20 घंटे तक शीतगृह में रखा रहा और न्याय की मांग को लेकर लोग रात भर अस्पताल के बाहर डटे रहे।
प्रशासनिक मध्यस्थता और कंपनी से वार्ता
माहौल में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मामले को शांत कराने के प्रयास तेज किए। इस बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन शुरुआती दौर में दोनों पक्षों के बीच कोई नतीजा नहीं निकल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे और कंपनी के अधिकारियों पर पीड़ित परिवार की मांगों को पूरा करने का दबाव बनाया। परिजनों ने यह चेतावनी भी दे दी थी कि यदि सुबह तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो वे अपना प्रदर्शन अस्पताल से हटाकर सीधे वर्कशॉप के मुख्य द्वार पर स्थानांतरित कर देंगे।
लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हुआ गतिरोध
लगातार बढ़ते दबाव और प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद अंततः वर्कशॉप के उच्च अधिकारियों को झुकना पड़ा। प्रबंधन ने पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित मुआवजा राशि देने और परिवार की सहायता करने का एक लिखित पत्र सौंपा। इस आधिकारिक आश्वासन के प्राप्त होने के बाद परिजनों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। इसके तुरंत बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड के जरिए शव का पोस्टमार्टम करवाया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर पार्थिव देह परिजनों के सुपुर्द कर दी।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन और वर्कशॉप प्रबंधन के बीच लगातार संवाद कायम रखकर इस संवेदनशील मामले को शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया है, और अब क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं वर्कशॉप प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने भी मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव कानूनी और आर्थिक मदद का भरोसा दिया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने औद्योगिक क्षेत्रों और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप्स में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए तय मानकों के पालन पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिसकी पुलिस नियमानुसार जांच कर रही है।

More Stories
एकतरफा प्यार में खूनी वार! प्रेमिका को मौत के मुंह में छोड़ भागा आरोपी, एनकाउंटर के बाद दबोचा गया
CM योगी आदित्यनाथ ने दुग्धेश्वर नाथ महादेव के किए दर्शन, पूजा-अर्चना से की दिन की शुरुआत
ATM पर लोगों को बनाता था शिकार, कार्ड बदलकर खाते साफ करने वाला पकड़ा गया