नई दिल्ली। सेना और सुरक्षा बलों के लिए रक्षा सामग्री व हथियार तैयार करने वाली एक प्रतिष्ठित कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) साहिल लूथरा से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने के मामले में अपराध शाखा ने पंजाब से तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी खालिस्तानी आतंकवादियों और गैंगस्टरों के सांठगांठ का डर दिखाकर इस वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान तरनतारन के रहने वाले गुरपिंदर सिंह उर्फ प्रिंस (32), शमशेर सिंह उर्फ सैम (35) और अमृतसर निवासी जसवंत सिंह (59) के तौर पर हुई है। इसमें जसवंत सिंह पंजाब पुलिस का पूर्व एएसआई है, जिसे विभाग ने बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्तगी के बाद वह पीड़ित साहिल लूथरा की कंपनी के पंजाब डिवीजन का कामकाज संभाल रहा था। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं और इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
गोल्डी बराड़ के नाम से भेजे गए थे धमकी भरे संदेश
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चाणक्यपुरी थाने में 17 अक्टूबर 2025 को 10 करोड़ रुपये की जबरन उगाही की एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। उद्योगपति साहिल लूथरा ने पुलिस को बताया था कि अगस्त और सितंबर के महीनों में उनके पास खालिस्तानी आतंकियों और कुख्यात गैंगस्टरों के नाम पर धमकी भरे कॉल्स और मैसेज आ रहे थे। उनसे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम पर मोटी रकम की मांग की जा रही थी। इसके बाद 4 जून 2026 को उन्हें एक इंटरनेशनल नंबर से व्हाट्सएप पर धमकी भरा वॉयस नोट भी मिला। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 10 जून को इसकी जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई थी।
कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने रची थी रंगदारी की पूरी साजिश
अपराध शाखा की विशेष टीम ने जब तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया, तो कड़ियां पंजाब से जुड़ीं जिसके बाद वहां छापेमारी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस पूछताछ में गुरपिंदर और शमशेर ने कबूला कि वे इस साजिश के मुख्य सूत्रधार जसवंत सिंह के इशारे पर काम कर रहे थे। जसवंत ने कंपनी की अंदरूनी जानकारी होने का फायदा उठाकर रंगदारी की यह रूपरेखा तैयार की थी। उसके कहने पर ही स्पेन में बैठे मन्नी नाम के एक शख्स ने इंटरनेट और विदेशी नंबरों के जरिए धमकी भरे संदेश और वॉयस नोट भेजे थे।
बर्खास्त पुलिसकर्मी का आपराधिक इतिहास और आगे की जांच
जांच में यह बात भी सामने आई है कि मुख्य साजिशकर्ता जसवंत सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पंजाब में पहले से ही दो गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस रंगदारी रैकेट में स्पेन के मन्नी के अलावा और कौन-कौन से स्थानीय या अंतर्राष्ट्रीय अपराधी शामिल हैं। सुरक्षा उपकरणों से जुड़ी कंपनी के मालिक को निशाना बनाए जाने के कारण सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और पकड़े गए आरोपियों से देश विरोधी ताकतों के कनेक्शन को लेकर भी कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

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