September 14, 2026

लखनऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, लोहिया में बनेगा यूपी का दूसरा सबसे बड़ा ट्रॉमा सेंटर

लखनऊ| दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को अब राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में और अधिक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। संस्थान में उत्तर प्रदेश का दूसरा 300 बेड क्षमता वाला उन्नत ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की प्रशासनिक तैयारियां तीव्र कर दी गई हैं (प्रदेश का पहला उन्नत ट्रॉमा सेंटर 450 बेड क्षमता के साथ केजीएमयू में संचालित है)। इसका निर्माण शहीद पथ परिसर से सटी लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है। संस्थान के छठवें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में संस्थान की उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने जानकारी दी कि लोहिया संस्थान के ढांचागत विस्तार हेतु 1,010 अतिरिक्त बेड के अस्पताल तथा 1,085 नवीन पदों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। संस्थान में अब तक 600 सफल रोबोटिक शल्य चिकित्सा (सर्जरी) की जा चुकी है, जिसके अंतर्गत प्रदेश का दूसरा रोबोटिक किडनी प्रत्यारोपण भी यहीं संपन्न हुआ। आपातकालीन सेवा में आने वाले रोगियों को एंबुलेंस से सीधे संबंधित विभाग तक त्वरित रूप से पहुंचाने हेतु 'पोर्टर सेवा' प्रारंभ की गई है; ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला लोहिया देश का प्रथम शासकीय चिकित्सा संस्थान बन गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 14 तकनीकी व पैरामेडिकल कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।

चिकित्सा पुस्तकों का विमोचन

स्थापना दिवस समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोहिया संस्थान के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक 'सीओपीडी: सही जानकारी, सही देखभाल' का विमोचन किया गया, जो इस विषय पर प्रथम हिंदी पुस्तक है। इसके अतिरिक्त डॉ. एसएस नाथ की पुस्तक 'क्रिटिकल केयर पर्ल्स' का भी औपचारिक विमोचन संपन्न हुआ।

कौशल और निष्ठा से प्राप्त होती है सफलता: उपमुख्यमंत्री

समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विगत छह वर्षों में लोहिया संस्थान ने चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक उपाधियां ही पर्याप्त नहीं होतीं, अपितु कार्यकुशलता, लगन और परिश्रम के बल पर ही उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने रेसिडेंट डॉक्टरों को चिकित्सालय की वास्तविक कार्यशक्ति बताया।

आगामी विकास योजनाएं

  • 1,010 बेड क्षमता का ब्रॉड-स्पेशियलिटी अस्पताल तथा 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक।

  • 510 बेड का पीआरए, बहुमंजिला वाहन पार्किंग एवं 888 विद्यार्थियों की क्षमता वाला छात्रावास।

  • न्यूरोसाइंसेज सेंटर, नर्सिंग कॉलेज तथा खेल परिसर का आधुनिक विस्तार।

  • सुपर-स्पेशियलिटी एवं आपातकालीन विभागों में बेडों की संख्या में वृद्धि।

  • 1,085 नए पदों पर प्रक्रियाबद्ध नियुक्तियां।

  • बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी, रिप्रोडक्टिव मेडिसिन तथा गेरियाट्रिक (वृद्धजन) केयर सेंटर की स्थापना।

नवीन आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण

  • हॉस्पिटल ब्लॉक में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग हेतु 'इंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड मशीन' एवं 40 बेड के इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का शुभारंभ।

  • ऑन्कोलॉजी भवन में पीएमआर विभाग हेतु 'नेविगेटेड आरटीएमएस मशीन'।

  • रेडियोलॉजी विभाग में 1.5 टेस्ला एमआरआई तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी में '4-डी सीटी सिमुलेटर'।

  • न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में 'स्पेक्ट सीटी मशीन'।

  • मुख्य चिकित्सा भवन के छठे व सातवें तल पर अत्याधुनिक अंग प्रत्यारोपण इकाई।

  • राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 100 तीमारदारों की क्षमता वाला प्रतीक्षालय।

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. अजय कुमार वर्मा, डॉ. ऋचा चौधरी, डॉ. आशीष चंद्र अग्रवाल, डॉ. रश्मि कुमारी, डॉ. मिली सेंगर, डॉ. आयुषी विग, डॉ. पद्मनिधि अग्रवाल एवं डॉ. शिवम वर्मा को मुख्यमंत्री द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। वहीं नर्सिंग क्षेत्र में योगदान हेतु उमा पांडेय तथा मुख्य नर्सिंग अधिकारी सुमन सिंह को 'लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार' से नवाजा गया।