September 4, 2026

कांग्रेस नेता से मारपीट केस में 8वीं गिरफ्तारी, पूर्व पार्षद के बेटे पर कसा शिकंजा

बीकानेर। बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ सार्वजनिक रूप से हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित चार अन्य लोगों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में पार्टी से निष्कासित पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा का पुत्र मोहित अरोड़ा भी शामिल है। इस प्रकरण में पुलिस अब तक कुल 8 आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले चुकी है।

मुख्य आरोपी मोहित अरोड़ा सहित 4 नए आरोपी गिरफ्तार

थानाधिकारी देवेन्द्र सिंह के अनुसार, पुलिस टीम ने देर रात दबिश देकर मुख्य आरोपी मोहित अरोड़ा के साथ उसके साथियों—रविंद्र अरोड़ा, अनुज शर्मा और दिलेर अहमद—को गिरफ्तार किया। इससे पूर्व पुलिस मामले में संलिप्त चार अन्य आरोपियों (सन्नी वाल्मीकि, सोनू तेली खोखर, अरुण वाल्मीकि और मोहम्मद आजाद साफी) को पहले ही गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही थी। सभी आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी कर शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पिता-पुत्र 6 साल के लिए निष्कासित

वार्ड संख्या 50 में अधिकृत प्रत्याशी के चुनावी कार्यालय उद्घाटन समारोह के दौरान घटित इस हिंसक घटना को पार्टी नेतृत्व ने गंभीर अनुशासनहीनता माना। प्रदेश कांग्रेस संगठन ने घटना के 24 घंटे के भीतर कड़ा कदम उठाते हुए पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा और उनके पुत्र मोहित अरोड़ा को छह वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।

सिंबल चोरी और कूटरचना का नया विवाद: शहर व देहात अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत

इस बीच विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा ने सदर थाने में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि:

  • प्रदेश कांग्रेस कार्यालय द्वारा 31 अगस्त को मोहित अरोड़ा के नाम से जारी अधिकृत सिंबल की कथित तौर पर चोरी की गई।

  • इसके बाद कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नवरतन डागा के नाम से कथित फर्जी सिंबल बनाया गया।

  • इस कथित फर्जी सिंबल को वैध दर्शाकर निर्वाचन प्रशासन को गुमराह किया गया और नवरतन डागा के नामांकन में प्रयुक्त किया गया।

निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस में गुटीय जंग तेज

वार्ड 50 से शुरू हुआ यह विवाद अब खुलकर पार्टी के दो खेमों की सीधी लड़ाई बन चुका है। एक ओर जहां पार्टी संगठन ने हमले को आधार बनाकर पिता-पुत्र पर निष्कासन की कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर सिंबल हेराफेरी के आरोपों के बाद पुलिस में दी गई शिकायत से नगर निगम चुनाव के दौरान बीकानेर कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पूरी तरह बेपर्दा हो गई है।