टर्मिनल-3 के ग्रीन चैनल पर ड्रग्स तस्करी का खुलासा, यात्री पकड़ा गया

नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। संदेहास्पद गतिविधियों और प्रोफाइलिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने १६ जून को कुआलालंपुर से लौटे एक भारतीय मूल के यात्री को टर्मिनल-३ के ग्रीन चैनल पर जांच के लिए रोका।

बैग की तलाशी में बरामद हुई करोड़ों की हेरोइन

संदेह होने पर जब सुरक्षाकर्मियों ने यात्री के पास मौजूद दो ट्रॉली बैगों की एक्स-रे स्क्रीनिंग की और उनकी सघन तलाशी ली, तो बैगों के भीतर से सफेद पाउडर से भरे चार संदिग्ध पैकेट बरामद हुए। जांच एजेंसियों द्वारा रासायनिक परीक्षण किए जाने पर शुरुआती तौर पर उस पाउडर के हेरोइन होने की पुष्टि हुई। जब्त किए गए इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ का कुल शुद्ध वजन लगभग ६,९३४ ग्राम मापा गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ३४.६७ करोड़ रुपये आंकी गई है।

एनडीपीएस कानून के तहत आरोपी गिरफ्तार

नशीले पदार्थ की इतनी बड़ी खेप बरामद होने के बाद सीमा शुल्क अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त यात्री को मादक पदार्थ रोधी कानून (एनडीपीएस एक्ट, १९८५) के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही हेरोइन और उसे छिपाने के लिए प्रयुक्त पैकिंग सामग्री को भी कानूनी रूप से जब्त कर लिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जांच तेज

इस बड़ी बरामदगी के बाद सुरक्षा और जांच एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। एयरपोर्ट पर पकड़े गए इस तस्कर से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध खेप को भारत में कहां और किसे डिलीवर किया जाना था। विभाग इस मामले के पीछे सक्रिय पूरे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट और उसके नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की तफ्तीश में जुट गया है।