‘गंभीर नहीं, इस दिग्गज को बनाइए मेंटर’, टेस्ट प्रदर्शन पर श्रीसंत ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों और काम करने के तरीके की कड़े शब्दों में आलोचना की है। श्रीसंत ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि मौजूदा दौर में भारतीय क्रिकेट टीम को किसी पारंपरिक सख्त कोच की आवश्यकता नहीं है, बल्कि टीम को एक ऐसे कुशल मार्गदर्शक (मेंटर) की जरूरत है जो खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति को समझे और उन्हें स्वतंत्र रूप से खेलने की दिशा दिखाए। इस भूमिका के लिए उन्होंने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सबसे आदर्श और उपयुक्त विकल्प बताया।

टेस्ट सीरीज में विफलता पर उठाए सवाल और धोनी मॉडल की वकालत

एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जब श्रीसंत से टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर मुख्य कोच की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैचों में मिली करारी हार गंभीर के मार्गदर्शन में ही हुई है। श्रीसंत ने सुझाव दिया कि यदि टीम के प्रदर्शन को सुधारना है तो कोचिंग स्टाफ में बदलाव होना चाहिए। उनका मानना है कि खिलाड़ियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बनाने से उनका स्वाभाविक खेल प्रभावित होता है, जबकि महेंद्र सिंह धोनी हमेशा क्रिकेटरों को बिना किसी डर के खुलकर खेलने की आजादी देते थे।

खिलाड़ियों से भाई जैसा रिश्ता बनाने और गंभीर को पूरा श्रेय न देने की बात

श्रीसंत के अनुसार, एक बेहतरीन कोच का दायित्व केवल तकनीकी कमियां सुधारना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के साथ एक मजबूत भावनात्मक जुड़ाव बनाना भी है। उन्होंने कहा कि जीत पर अति-उत्साहित होना और हार मिलने पर गुस्सा जाहिर करना किसी समस्या का हल नहीं है, क्योंकि मैदान पर उतरने वाला हर खिलाड़ी देश को जिताने का ही प्रयास करता है। इसके साथ ही, उन्होंने वर्ष 2026 के टी20 विश्व कप की खिताबी जीत का पूरा श्रेय केवल गौतम गंभीर को दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। श्रीसंत ने तर्क दिया कि यदि संजू सैमसन बल्ले से योगदान नहीं देते, सूर्यकुमार यादव कप्तानी में सूझबूझ नहीं दिखाते और गेंदबाज सही समय पर विकेट नहीं निकालते, तो भारत चैंपियन नहीं बन पाता; मैदान के भीतर के मुख्य फैसले खिलाड़ी ही लेते हैं।

आशीष नेहरा की कोचिंग शैली की सराहना और भविष्य की राह

अपने वक्तव्य के आखिरी हिस्से में पूर्व तेज गेंदबाज ने अपने पुराने साथी खिलाड़ी और पूर्व पेसर आशीष नेहरा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नेहरा जैसे कोच मैच के उतार-चढ़ाव के दौरान लगातार बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और उनके साथ जीवंत रूप से जुड़े रहते हैं, जिसका टीम के मनोबल पर बेहद सकारात्मक असर पड़ता है। श्रीसंत का यह तीखा बयान इस समय सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों के बीच बहस का मुख्य केंद्र बना हुआ है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) या मुख्य कोच गौतम गंभीर की तरफ से कोई भी आधिकारिक पलटवार या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।