वॉशिंगटन: मध्य पूर्व के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अब एक ऐसे चरम बिंदु पर पहुंच गया है, जहां से वैश्विक युद्ध की आशंका प्रबल हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी के लहजे में अब तक का सबसे कठोर संदेश देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक जहाजों या उनके ऑपरेशनों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तो उसे धरती के नक्शे से मिटा दिया जाएगा। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका होर्मुज में महीनों से फंसे सैकड़ों तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (Project Freedom) नामक एक व्यापक सैन्य अभियान चला रहा है। इस मिशन के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधी और घातक सैन्य झड़प की खबरें भी सामने आई हैं।
होर्मुज में सैन्य कार्रवाई और 'प्रोजेक्ट फ्रीडम'
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना ने जलमार्ग को व्यापार के लिए फिर से खोलने के प्रयासों के दौरान ईरान की सात छोटी सैन्य नावों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने ईरान पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि वह उन देशों के वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बना रहा है जिनका इस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं है। ट्रंप ने विशेष रूप से दक्षिण कोरिया जैसे देशों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका के प्रयासों में सहयोग दें। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस मिशन में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक, 100 से अधिक विमान और लगभग 15,000 सैनिक तैनात किए गए हैं, ताकि ईरान की 'समुद्री नाकाबंदी' को तोड़ा जा सके।
फुजैरा तेल बंदरगाह पर हमला और भारतीय नागरिकों की चोट
तनाव की यह आग अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक भी फैल गई है, जहां फुजैरा के प्रमुख तेल भंडारण केंद्र पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमला किया गया है। यूएई ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और एक खतरनाक उकसावा करार दिया है। फुजैरा में हुए इस विस्फोट ने भारत की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं, क्योंकि इस घटना में तेल केंद्र पर काम कर रहे तीन भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है ताकि घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर यूएई को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है।
वैश्विक बाजार में हाहाकार और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
होर्मुज जलडमरूमध्य में छिड़ी इस सैन्य जंग का सीधा और गहरा असर वैश्विक तेल व्यापार पर पड़ा है, जिसे दुनिया की आर्थिक लाइफलाइन माना जाता है। ट्रंप की विनाशकारी चेतावनी और फुजैरा में तेल बुनियादी ढांचे पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतें 5% से अधिक उछलकर 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कीमतें 150 डॉलर तक पहुंच सकती हैं, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा। फिलहाल, अमेरिकी रक्षा मंत्री और सैन्य नेतृत्व इस पूरी स्थिति पर कल एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।

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