नई दिल्ली: पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों और सांगठनिक फेरबदल के बाद उपजे असंतोष को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व ने इस पूरे मामले में सीधा हस्तक्षेप करते हुए राज्य इकाई को डैमेज कंट्रोल के निर्देश दिए हैं।
संगठनात्मक फेरबदल और बगावती सुर
पार्टी के भीतर नए चेहरों को प्राथमिकता देने और तेजी से किए गए बदलावों के बाद पुराने तथा टकसाली नेताओं में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। होशियारपुर में 111 पदाधिकारियों द्वारा सामूहिक इस्तीफा दिए जाने और कई जिलों में विरोध के स्वरों ने केंद्रीय नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति को संभालने के लिए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को दिल्ली तलब किया गया था, जहां उन्हें नाराज नेताओं से संवाद स्थापित कर मतभेद दूर करने और सभी को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
आगामी चुनावों को लेकर गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट
इस बीच, आगामी राजनीतिक रणनीतियों और अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने साफ कर दिया है कि पंजाब में किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने स्पष्ट किया है कि पार्टी का एकमात्र गठबंधन राज्य की जनता के साथ है और भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर अपनी पूरी ताकत से उतरेगी।

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