नई दिल्ली। ईरान पर जिस तरह से इजराइल-अमेरिका ने अटैक किया, उसके बाद से मध्य एशिया में तनाव किसी से छिपा नहीं है। इस हमले को एक हफ्ते हो चुके हैं इसके बावजूद दोनों ओर से जवाबी एक्शन जारी है। मिडिल ईस्ट में टेंशन पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य एशिया के हालात पर अहम टिप्पणी। उन्होंने कहा कि आज पुराने विचार बदल रहे हैं। पुराने ग्लोबल ऑर्डर और पुरानी मान्यताएं तेजी से बदल रही हैं और हमें इन अनिश्चितताओं को समझना होगा।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले समुद्र को केवल व्यापार का माध्यम माना जाता था, लेकिन आज हम देख सकते हैं कि यह रणनीतिक प्रभुत्व का केंद्र बन रहा है। वैश्विक स्तर पर बदलाव हो रहा है, पुरानी रूढ़ियां, वैश्विक व्यवस्थाएं और मान्यताएं टूट रही हैं। हमें इन अनिश्चितताओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल लेवल पर बदलाव हो रहा है। हमें इन अनिश्चितताओं को समझना होगा। मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति इसका एक ज्वलंत उदाहरण हैं।
केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि आज सप्लाई चेन रीअलाइन हो रहे। एनर्जी के रास्तों को लेकर नए समीकरण बन रहे हैं। आज हम स्पष्ट रूप से देख रहे कि समुद्र रणनीतिक उपस्थिति का भी केंद्र बनता जा रहा है। दुनिया बदल रही और पुरानी स्थितियां टूट रही हैं। जो ऊपर से प्वाइंट एक-दूसरे जुड़े हुए नजर आ रहे, हर भौगोलिक स्थिति की अलग-अलग कहानी है। आज ग्लोबल लेवल पर कुछ नया हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल लेवल पर परिवर्तन चल रहा है। यही वो अनिश्चितता है जिन्हें हमें समझना होगा। मिडिल ईस्ट की स्थिति इसका ज्वलंत उदाहरण है। आज वहां जो हो रहा है वह बहुत ही असामान्य है और यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वहां या हमारे पड़ोस में स्थिति किस प्रकार बदलेगी।

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